• Home
  • Market
  • Commodity
  • पेट्रोल डीजल की कीमत Petrol prices may cross 90 rs per ltr in india as crude hiking

Petrol Price: क्रूड तोड़ेगा 85 का बैरियर, 90 रुपए प्रति लीटर तक बिक सकता है पेट्रोल

पेट्रोल-डीजल के 6 से 8 रुपए बढ़ सकते हैं भाव: एक्सपर्ट्स पेट्रोल-डीजल के 6 से 8 रुपए बढ़ सकते हैं भाव: एक्सपर्ट्स
क्रूड की कीमतें आगे 85 डॉलर पार कर सकती हैं। क्रूड की कीमतें आगे 85 डॉलर पार कर सकती हैं।

आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वहीं, आगे भी कच्चा तेल और महंगा होगा। इससे इंडियन बास्केट में भी उसी रेश्‍यो में क्रूड महंगा होगा। दूसरी ओर रुपए में लगातार कमजोरी से तेल कंपनियां चाहकर भी इसे होल्ड नहीं कर पाएंगी।

moneybhaskar

May 18,2018 12:49:00 PM IST

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की महंगाई से परेशान आम आदमी की मुसीबत और बढ़ने वाली है। आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वहीं, आगे भी कच्चा तेल और महंगा होगा। इससे इंडियन बास्केट में भी उसी रेश्‍यो में क्रूड महंगा होगा। दूसरी ओर रुपए में लगातार कमजोरी से तेल कंपनियां चाहकर भी इसे होल्ड नहीं कर पाएंगी। ऐसे में अगले कुछ महीनों में पेट्रोल-डीजल में 6 से 8 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं। यह होता है तो मुंबई में पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर और दिल्ली में 80 रुपए प्रति लीटर पार कर जाएगा। जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है।

कच्चा तेल पार कर सकता है 85 डॉलर का बैरियर
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल गुरूवार को 80 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसमें आगे भी तेजी रुकने की उम्मीद नहीं है। केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि ओपेक और रूस ने तेल का उत्पादन कम कर दिया है। अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध के बाद मार्केट में ईरान की ओर से सप्लाई घटने का डर बन गया है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई का रेश्‍यो बिगड़ रहा है। उनका कहना है कि ये कंसर्न आगे भी बने रहेंगे और क्रूड 85 से 86 डॉलर प्रति बैरल तक अगले कुछ महीनों में जा सकता है। एंजेल ब्रोकिंग के कमोडिटीज एंड करंसीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च अनुज गुप्ता भी मानते हें कि कच्चा तेल कम से कम 85 डॉलर प्रति बैरल तक जाएगा।

मॉर्गन स्टैनले: क्रूड पार करेगा 90 डॉलर का स्तर
ग्लोबल एजेंसी मॉर्गन स्टैनली के अनुसार क्रूड का कंसर्न अभी 2 साल और बना रहेगा और 2020 में यह 90 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर सकता है। एजेंसी के अनुसार आने वाले दिनों में डीजल, जेट फ्यूल और अन्य सेग्मेंट में ईधन की मांग बढ़ेगी। डिमांड और सप्लाई में बैलेंस बिगड़ने से क्रूड 90 डॉलर के स्तर तक महंगा हो सकता है। इसके पहले अक्टूबर 2014 में क्रूड ने यह स्तर देखा था।

पेट्रोल-डीजल के तेजी से बढ़ेंगे भाव
अजय केडिया का कहना है कि क्रूड मौजूदा लेवल से आगे कम से कम 7 से 8 फीसदी महंगा हो सकता है। वहीं, कंसर्न बढ़ा तो 10 फीसदी महंगा हो सकता है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के भाव 6 रुपए से 8 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं। अनुज गुप्ता का मानना है कि अगले कुछ महीनों में पेट्रोल 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल 3 से 3.5 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो जाएगा।

पेट्रोल-डीजल पर लेवी से बैलेंस हो रहा खजाना

एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि सरकार का ट्रेड डेफिसिट लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में टाइट फिस्कल स्थिति की वजह से सरकार द्वारा अभी एक्साइज ड्यूटी घटाने के भी आसार नहीं हैं। सरकार को पेट्रोल-डीजल से मिलने वाले रेवेन्यू में एक्साइज ड्यूटी का सबसे ज्यादा योगदान है। फाइनेंशियल ईयर 2017 में सरकार को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइजड ड्यूटी से 2.43 लाख करोड़ रुपए के करीब आय हुई थी। यह पेट्रोल-डीजल से आने वाले कुल रेवेन्यू का 46 फीसदी है। बाकी रेवेन्यू सेल्स टैक्स और वैट से आता है। जब फिस्कल सिचुएशन पहले से टाइट है, ऐसे में एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार के खजाने पर बड़ा असर होगा।

90 रुपए प्रति लीटर पार हो सकता है पेट्रोल
अगर पेट्रोल में 6 से 8 रुपए की बढ़ोत्तरी होती है तो मुंबई में इसकी कीमतें 90 रुपए प्रति लीटर के पार जा सकती हैं। मुंबई में अभी पेट्रोल 83.16 रुपए प्रति लीटर है। वहीं, दिल्ली में पेट्रोल 80 रुपए प्रति लीटर पार कर जाएगा। दिल्ली में अभी पेट्रोल की कीमत 75.32 रुपए प्रति लीटर है। इसी तरह से कोलकाता में पेट्रोल 84-85 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में भी 84 से 85 रुपए प्रति लीटर हो सकता है।

आगे पढ़ें, तेल कंपनियां क्यों बढ़ा सकती हैं तेजी से दाम ........

कंपनियां क्यों तेजी से बढ़ा रही हैं दाम 
असल में तेल कंपनियों ने कर्नाटक चुनाव के लिए मतदान होने से पहले करीब तीन हफ्ते से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा था। 12 मई को कर्नाटक में मतदान हुए। उसके बाद 14 मई को तेल कंपनियों ने फिर से कीमतों की रोज समीक्षा शुरू कर दी। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 19 दिन तक बदलाव नहीं करने से तेल कंपनियों को करीब 500 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। क्‍योंकि, अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से उनकी लागत में इजाफा हुआ। ऐसे में कर्नाटक चुनाव के पहले वाले मार्जिन पर जाने के लिए तेल कंपनियां तेजी से दाम बढ़ा सकती हैं। 

X
पेट्रोल-डीजल के 6 से 8 रुपए बढ़ सकते हैं भाव: एक्सपर्ट्सपेट्रोल-डीजल के 6 से 8 रुपए बढ़ सकते हैं भाव: एक्सपर्ट्स
क्रूड की कीमतें आगे 85 डॉलर पार कर सकती हैं।क्रूड की कीमतें आगे 85 डॉलर पार कर सकती हैं।
COMMENT

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.