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Petrol Price: पेट्रोल 14 पैसे और डीजल 15 पैसे हुआ महंगा, लगातार 13वें दिन बढ़ी कीमतें

क्रूड कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी रही।

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नई दिल्ली. क्रूड कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी रही। शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 14 पैसे बढ़कर 77.97 रुपए और मुंबई में 85.78 रुपए प्रति   लीटर के स्तर पर पहुंच गईं। वहीं डीजल 15 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। इस प्रकार लगातार 13वें दिन कीमतों में बढ़ोत्तरी के साथ पेट्रोल और डीजल ने देश में नया रिकॉर्ड बना दिया है।

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोजाना बदलाव किया जाता है। हालांकि कर्नाटक चुनाव के दौरान 25 अप्रैल से 13 मई के बीच कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

 

मेट्रो शहरों में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, पेट्रोल की नई कीमतें दिल्ली में 77.97 रुपए, कोलकाता में 80.61 रुपए, मुंबई में 85.78 रुपए और चेन्नई में 80.95 रुपए प्रति लीटर होंगी।

 

वहीं डीजल की कीमतें दिल्ली में 68.90 रुपए, कोलकाता में 71.45 रुपए, मुंबई में 73.36 रुपए और चेन्नई में 72.74 रुपए होंगी। राज्यों द्वारा लगाई जाने वाली लेवीज के कारण राज्यों में दोनों फ्यूल की कीमतें अलग-अलग होती हैं।

 

क्रूड में बड़ी गिरावट 
इस साल करीब 20 फीसदी महंगा होने के बाद शुक्रवार को कच्चे तेल में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। ओपेक देशों के बाद रूस द्वारा आगे प्रोडक्शन बढ़ाए जाने के संकेतों के बाद कच्चा तेल आज 2.70 फीसदी टूटकर 76.66 रुपए के भाव पर आ गया। कच्चा तेल गुरूवार को 78.79 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर बंद हुआ था। एंजेल ब्रोकिंग के अनुज गुप्ता का कहना है कि क्रूड में लगातार 2 दिन से गिरावट है। शुक्रवार को यह गिरावट ज्यादा रही, जिससे फिलहाल शनिवार को तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दे सकती हैं। शनिवार को कीमतों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।  

 

क्यों प्रोडक्शन बढ़ाने के दिए संकेत
माना जा रहा है कि वेनेजुएला और ईरान की ओर से क्रूड सप्लाई में आगे बड़ी कमी आ सकती है। इसी की भरपाई के लिए ओपेक देश और रूस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि क्रूड के प्रोडक्शन को घटाने को लेकर जो डील थी, उसमें कुछ बदलाव कर प्रोडक्शन बढ़ा सकते हैं। अब इसका असर कच्चे तेलइ की कीमतों पर देखी भी जा रही है।

 

नजरें सरकार की ओर
फिलहाल अंतराष्‍ट्रीय बाजार में कीमतों में कमी के आसार नजर नहीं आने के चलते अब नजरें सरकार पर टिकी हैं। अगर सरकार पेट्रोल डीजल पर लगने वाली एक्‍साइज ड्यूटी में कमी करती है तो आम लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत मिल सकती है। इससे पहले सरकार ने 2 महीने पहले कीमतों पर काबू करने के लिए सरकार एक बार ऐसा कर चुकी है। साथ ही राज्‍य वैट कम करके भी लोगों को राहत दे सकती हैं।आगे पढ़ें, कंपनियां क्यों तेजी से बढ़ा रही हैं दाम........

   
 

कंपनियां क्यों तेजी से बढ़ा रही हैं दाम ?
असल में तेल कंपनियों ने कर्नाटक चुनाव के लिए मतदान होने से पहले करीब तीन हफ्ते से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा था। 12 मई को कर्नाटक में मतदान हुआ। उसके बाद 14 मई को तेल कंपनियों ने फिर से कीमतों की रोज समीक्षा शुरू कर दी। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 19 दिन तक बदलाव नहीं करने से तेल कंपनियों को करीब 500 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। क्‍योंकि, अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से उनकी लागत में इजाफा हुआ। ऐसे में कर्नाटक चुनाव के पहले वाले मार्जिन पर जाने के लिए तेल कंपनियां तेजी से दाम बढ़ा सकती हैं।

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