Home » Market » Commodity » EnergyIndia crude oil basket price rose by 17 per cent in last 3 months

एक्साइज ड्यूटी घटने के बाद इंडियन बॉस्केट में क्रूड 17% महंगा, 64.52 डॉलर हुई कीमत

सरकार द्वारा 3 अक्टूबर को एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद से क्रूड में लगातार तेजी बनी हुई है।

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नई दिल्ली। सरकार द्वारा 3 अक्टूबर को एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद से क्रूड में लगातार तेजी बनी हुई है। 3 अक्टूबर के बाद से जहां इंटरनेशन मार्केट में क्रूड 20 फीसदी महंगा हो चुका है, वहीं इंडियन बास्केट में क्रूड की कीमतें 17 फीसदी बढ़ चुकी हैं। इस रेश्‍यो में पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़ने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर भी दबाव बना हुआ है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार सप्लाई को लेकर मार्केट की स्थिति टाइट होने की वजह से क्रूड की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। 

 

 

अक्टूबर की शुरूआत में महंगे हो रहे पेट्रोल-डीजल को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी थी। 3 अक्टूबर को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड 55 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था जो 29 दिसंबर को 66.38 डॉलर के लेवल पर पहुंच गया। इंटरनेशन मार्केट में क्रूड की कीमतें अपने 2.5 साल के टॉप लेवल पर है। वहीं, 3 अक्टूबर को इंडियन बास्केट में क्रूड 55.36 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था जो 29 दिसंबर को 64.52 डॉलर के भाव पर पहुंच गया। 

 

ऑयल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव 
3 अक्टूबर के बाद से ब्रेंट क्रूड 20 फीसदी तक महंगा हो चुका है। वहीं, इस दौरान इंडियन बास्केट में क्रूड की कीमतें 17 फीसदी बढ़ चुकी हैं। इसके रेश्‍यो में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.2 फीसदी तक ही इजाफा हुआ है। ऐसे में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि इसकी वजह से तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव है। 

 

कंज्यूमर्स को राहत का इंतजार 
हाल ही में फाइनेंस मिनिस्ट्री सूत्रों से यह खबर आई थी कि इंडियन बास्केट में जबतक क्रूड की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहेंगी, सरकार ड्यूटी नहीं कम करेगी। वहीं, पिछले दिनों जब पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान से इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि क्रूड महंगा होने से सरकार मिडिल क्लास और गरीबों को लेकर चिंतित है।

 

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