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क्रूड में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट, 2 दिन में 3.5% टूटकर 75.30 डॉलर/बैरल पर भाव

शुक्रवार को 2.5 फीसदी टूटने के बाद सोमवार को क्रूड में फिर 1.49 फीसदी गिरावट रही है।

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नई दिल्ली। इस साल करीब 20 फीसदी महंगा होने के बाद शुक्रवार को कच्चे तेल में लगातार गिरावट देखी जा रही है। शुक्रवार को 2.5 फीसदी टूटने के बाद सोमवार को क्रूड में फिर 1.49 फीसदी गिरावट रही है। क्रूड 76 का लेवल तोड़कर 75.30     डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया है। ओपेक देशों के बाद रूस द्वारा आगे प्रोडक्शन बढ़ाए जाने के संकेतों के बाद क्रूड में यह गिरावट देखी जा रही है। 

 

क्रूड गुरूवार को 78.79 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर बंद हुआ था। जिसके बाद से इसमें 3.49 डॉलर की गिरावट आ चुकी है।  पिछले एक हफ्ते में क्रूड में करीब 7.5 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, एमसीएक्स क्रूड 112 रुपए की गिरावट के साथ 4,485 रुपए पर कारोबार कर रहा है। यानी इसमें 2.44 फीसदी गिरावट है। 

 

एक साल में कच्चा तेल 45% महंगा
बता दें कि पिछले एक साल से कच्चे तेल में लगातार तेजी बनी हुई थी। पिछले एक साल में कच्चा तेल करीब 45 फीसदी महंगा हुआ, वहीं इस साल गुरूवार तक करीब 20 फीसदी भाव बढ़े थे। वहीं, जून 2017 के बाद से बात करें तो क्रूड गुरूवार तक 78 फीसदी तक महंगा हो चुका था। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आसमान पर पहुंच गईं। 

 

उत्पादन बढ़ाने का संकेत

केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया का कहना है कि सऊदी अरब और रूस ने कच्चे तेल का रोजाना उत्पादन करीब 10 लाख बैरल बढ़ाने का संकेत दिया है। पहले 2016 के अंतिम महीने में ओपेक और गैर-ओपेक देश रूस ने कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद प्रोडक्शन में में कटौती को लेकर एग्रीमेंट किया था। इस साल प्रोडक्शन कट की डील को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया था। हालांकि अब मार्केट में क्रूड की सप्लाई ज्यादा घटने के डर से ओपेक और रूस ने प्रोडक्शन बढ़ाए जाने का संकेत दिया है। 

 

पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद
एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक क्रूड में जो गिरावट है, घरेलू बाजार में तेल के दाम में इससे आने वाले दिनों में फर्क पड़ेगा। उनका कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में तेजी या गिरावट का असर घरेलू बाजार में कुछ दिनों बाद आता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के भाव में फिलहाल और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि मई के पहले हफ्ते में ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड का भाव 73-75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही रहा उसके बाद इसमें तेजी आई और भाव बढ़कर 22 मई को 80 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया। इसके बाद गिरावट आई है। पेट्रोल और डीजल के भाव में बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि क्रूड में तेजी के दौर में भारतीय तेल कंपनियों ने कितना तेल खरीदा।

 


केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार क्रूड में नरमी आना अच्छा संकेत है। ऐसे में सरकार पर प्रेशर कम होगा। जिसकी वजह से उसके लिए कन्ज्यूमर को राहत देेेना आसान होगा। अगर यह गिरावट जारी रही तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आएगी।

 

क्रूड में गिरावट से रुपए को मजबूती
एंजेल ब्रोकिंग के अनुज गुप्ता का कहना है कि क्रूड प्राइस में गिरावट से रुपए को मजबूती मिलती दिख रही है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से फिसलकर 75.30 डॉलर प्रति बैरल के पर आ गया है। क्रूड प्राइस में कमी से ऑयल एक्सपोर्टर्स द्वारा डॉलर की डिमांड कम होने से रुपए में तेजी आई है। सोमवार को रुपया बड़ी रिकवरी के साथ खुला। डॉलर के मुकाबले रुपया 25 पैसे की बढ़त के साथ 67.52 के स्तर पर खुला। 

 

शुक्रवार को भी रुपए में आई थी मजबूती
शुक्रवार को रुपए में बड़ी रिकवरी दर्ज की गई थी। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 56 पैसे की बढ़त के साथ 67.77 के स्तर पर बंद हुआ था। इससे पहले, डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 6 पैसे की बढ़त के साथ 68.28 के स्तर पर खुला था। वहीं, गुरुवार को रुपया 8 पैसे मजबूत होकर प्रति डॉलर 68.34 के स्तर  पर बंद हुआ था। रुपए की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे के सुधार के साथ गुरूवार को 68.30 के स्तर पर खुला था।

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