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गेल इंडिया ने रचा इतिहास, अमेरिका से पहली बार इंपोर्ट की एलएनजी

अमेरिका से क्रूड के इंपोर्ट के बाद एलएनजी का इंपोर्ट करके भारत ने नया इतिहास रच दिया है।

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नई दिल्ली. अमेरिका से क्रूड के इंपोर्ट के बाद एलएनजी का इंपोर्ट करके भारत ने नया इतिहास रच दिया है। शुक्रवार को अमेरिका से सुपर कूल्ड नैचुरल गैस से भरा पहला कार्गो महाराष्ट्र के दाभोल पहुंच गया। लुसियाना से 25 दिन के सफर के बाद एक चार्टर शिप एमवी मेरीडियन स्पिरिट दाभोल पहुंच गया। इससे भारत के लिए एलएनजी की कॉस्ट में खासी कमी आएगी।

 

दाभोल पहुंची पहली शिपमेंट

गेल इंडिया ने अमेरिका की एनर्जी कंपनी शिनेरे एनर्जी की लुसियाना स्थित सैबिने पास लिक्विफैक्सन फैसिलिटी से सालाना 35 लाख टन लिक्विड नैचुरल गैस (एलएनजी) इंपोर्ट करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया था। इसका पहला कार्गो दाभोल स्थित भार के सबसे बड़े गैस फायर्ड पावर प्लांट तक पहुंच गया।

कंपनी ने डॉमिनियन एनर्जी के कोव प्वाइंट लिक्विफैक्शन प्लांट से 23 लाख टन एलएनजी के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी किया है, जो लॉन्ग टर्म के लिए है।

 

 

गेल को मिलेंगे सालाना 90 कार्गो

गेल इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘गेल अमेरिकी एलएनजी के लिए सबसे पहले कॉन्ट्रैक्ट करने वाली कंपनियों में से है और उसके पोर्टफोलियो में सालाना 58 लाख टन एलएनजी जुड़ चुकी है। गेल को सैबीन पास और कोव प्वाइंट टर्मिनल्स से सालाना 90 कार्गो मिलेंगे।’

 

 

अच्छी कीमत पर मिलेगी एलएनजी

कंपनी ने कहा कि यूएस हेनरी हब गैस इंडेक्स में में क्रूड ऑयल के साथ एलएनजी भी शामिल है। उसने कहा, ‘गेल के पोर्टफोलियो में एलएनजी और क्रूड ऑयल की अब पर्याप्त हिस्सेदारी होगी। इससे कस्टमर्स को खासा फायदा होगा और उन्हें सही कीमतें मिलेंगी।’

गेल ने कहा कि ‘मेरीडियन स्पिरिट’ के दाभोल पहुंचने के साथ हेनरी हब इंडेक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट के तहत एलएनजी की सप्लाई की शुरुआत हो गई है।

वीसल यानी जहाज दाभोल प्लांट के नजदीक पहुंच गया है और एलएनजी रिसीट टर्मिनल पर इसे दो अलग-अलग कंपनियों के बीच बांटा जा रहा है। पब्लिक सेक्टर की पावर प्रोड्यूसर एनटीपीसी पावर सेक्टर में एलएनजी हासिल करने में आगे रही।

 

अक्टूबर में आई थी क्रूड की पहली शिपमेंट

बीते साल अक्टूबर में भारत को अमेरिका से क्रूड ऑयल की पहली शिपमेंट मिली थी। इससे पहले 1975 में अमेरिका ने भारत को क्रूड का एक्सपोर्ट रोक दिया था, लेकिन 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बैन को हटा लिया था।

गेल ने दिसंबर, 2011 में अमेरिका की एलएनजी एक्सपोर्टर शिनेरे एनर्जी के साथ सेल एंड परचेज एग्रीमेंट (एसपीए) पर दस्तखत किए थे। एसपीए 1 मार्च को लागू हो गया। एग्रीमेंट की शर्तों के तहत शिनेरे गेल को सालाना 35 लाख टन एलएनजी बेचेगी और उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

 
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