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पेट्रोल-डीजल की महंगाई से सरकार चिंतित, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन पर हो रहा कामः प्रसाद

सरकार ने बुधवार को संकेत दिए कि पेट्रोल और डीजल कीमतों में राहत देने के लिए कोई फैसला जल्दबाजी में नहीं किया जाएगा।

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नई दिल्ली. सरकार ने बुधवार को संकेत दिए कि पेट्रोल और डीजल कीमतों में राहत देने के लिए कोई फैसला जल्दबाजी में नहीं किया जाएगा। केंद्रीय आईटी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी पर सरकार चिंतित है और इस समस्या के लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन पर काम किया जा रहा है। 

 

एक्साइज ड्यूटी से इन्फ्रा डेवलप करती है सरकार
प्रसाद कैबिनेट मीटिंग के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। पेट्रोल की कीमतों में नरमी के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग पर प्रसाद सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार एक्साइज ड्यूटी से मिली रकम को हाईवेज, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, गांवों को बिजली, अस्पताल और एजुकेशन सहित देश के विकास में इस्तेमाल करती है।

 

 

 

पैदा हुए अर्जेंसी जैसे हालात
प्रसाद ने कहा, ‘बार-बार फ्यूल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का मामला बहस और चिंता का विषय है। कीमतों के संबंध में चिंता और अनिश्चितता सहित इस पूरी प्रक्रिया में सरकार शामिल है।’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों से अनिश्चितता जैसा माहौल है और ‘एक नई अर्जेंसी जैसी स्थिति पैदा हुई है।’

 

 

लॉन्ग टर्म के नजरिए से काम करेगी सरकार
उन्होंने कहा, ‘सरकार औपचारिक कदम उठाने के बजाय इस पर लॉन्ग टर्म के नजरिए से काम कर सकती है, जिससे न सिर्फ वॉलेटिलिटी का हल निकले बल्कि बार-बार बढ़ोत्तरी और कमी से पैदा होने वाली अनावश्यक दिक्कत का हल निकले।’ हालांकि केंद्रीय मंत्री ने सरकार द्वारा उठाए जाने वाले संभावित कदमों का ब्योरा देने से इनकार कर दिया।

 

 

जून में लागू हुई थी डेली रिवीजन की व्यवस्था
बीजेपी की अगुआई वाली सरकार ने बीते साल जून में वर्षों पहले से चली आ रही हर 15 दिन में रेट रिवाइस करने की व्यवस्था को खत्म करके डेली रिवीजन की व्यवस्था शुरू की थी। अगर इलेक्शन के दौरान के समय को छोड़ दें तो यह व्यवस्था ठीक चल रही थी। कर्नाटक चुनाव से पहले 19 दिन तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन उसके बाद से पेट्रोल 2.54 रुपए और डीजल 2.41 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया था। 

 

 

10 दिन से बढ़ रही हैं कीमतें
10 दिन तक लगातार कीमतों में बढ़ोत्तरी से सरकार पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर कंज्यूमर्स को राहत देने का दबाव बढ़ा है। हालांकि केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने कैबिनेट मीटिंग के बाद एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर कोई संकेत नहीं दिए।  

 

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2-4 रुपए कटौती की आई थी खबर
हालांकि इससे पहले खबरें आई थीं कि सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती का मन बना चुकी है। सूत्रों के मुताबि‍क, एक्‍साइज ड्यूटी कम करने पर अंतिम फैसला अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को लेना है। उम्‍मीद है कि‍ यह कटौती 2 से 4 रुपए प्रति‍ लीटर होगी।
पेट्रोलि‍यम मंत्री धमेंद्र प्रधान संभवत: बुधवार को तेल कंपनि‍यों के साथ स्‍टॉक की स्‍थि‍ति‍ पर बातचीत करेंगे। 

 

 

1 रु कटौती से 13 हजार करोड़ का रेवेन्यू लॉस

पेट्रोल और डीजल पर एक्साइस ड्यूटी में प्रति 1 रुपए की कटौती से 13,000 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का लॉस होता है। सरकार ने ग्लोबल मार्केट में क्रूड की कीमतों में नरमी के बाद अपने फाइनेंसेस बढ़ाने के लिए नवंबर, 2014 और जुलाई, 2016 के बीच एक्साइस ड्यूटी में 9 बार बढ़ोत्तरी की, हालांकि बीते साल अक्टूबर में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई थी।
एक्साइस ड्यूटी में कटौती के क्रम में केंद्र ने राज्यों से भी वैट घटाने के लिए कहा। इसके बाद सिर्फ 4 राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने रेट्स में कटौती की, लेकिन एक बीजेपी शासित राज्य सहित अन्य ने केंद्र की अपील की अनदेखी कर दी।

 

 

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