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उधर दुनिया को धमकाता रहा US, इधर भारत को पहुंचाया अरबों का फायदा

नई दिल्ली. इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दुनिया भर में ट्रेड वार को हवा देने बिजी हैं। इस क्रम में वह स्टील और एल्युमीनियम पर इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान भी कर चुके हैं। इससे सीधे तौर पर चीन पर असर पड़ेगा। वहीं वह एच1बी वीजा पॉलिसी पर भी सख्ती के मूड में है, जिसका असर सीधे तौर पर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। इस बीच अमेरिका ने ऐसी डील पर अमल कर दिया है, जिससे भारत को खासा फायदा होगा।

 

 

ऐसे पहुंचाया भारत को फायदा

दरअसल अमेरिका से एलएनजी की बड़ी खेप भारत पहुंच गई है, जिसके लिए लगभग 7 साल पहले डील हुई थी। शुक्रवार को अमेरिका से सुपर कूल्ड नैचुरल गैस से भरा पहला जहाज महाराष्ट्र के दाभोल पहुंच गया। यह डील लगभग 32 अरब डॉलर की है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत के लिए अपनी एनर्जी की जरूरतें पूरा करना आसान हो जाएगा। भारत के लिए एलएनजी की कॉस्ट भी खासी कम हो जाएगी। इसके तहत अमेरिका से भारत को सालाना 58 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति होगी।

 


दाभोल पहुंची पहली शिपमेंट

गेल इंडिया ने अमेरिका की एनर्जी कंपनी शिनेरे एनर्जी की लुसियाना स्थित सैबिने पास लिक्विफैक्सन फैसिलिटी से सालाना 35 लाख टन लिक्विड नैचुरल गैस (एलएनजी) इंपोर्ट करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया था। इसका पहला कार्गो दाभोल स्थित भार के सबसे बड़े गैस फायर्ड पावर प्लांट तक पहुंच गया।

कंपनी ने डॉमिनियन एनर्जी के कोव प्वाइंट लिक्विफैक्शन प्लांट से 23 लाख टन एलएनजी के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी किया है, जो लॉन्ग टर्म के लिए है।

 

 

गेल को मिलेंगे सालाना 90 कार्गो

गेल इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘गेल अमेरिकी एलएनजी के लिए सबसे पहले कॉन्ट्रैक्ट करने वाली कंपनियों में से है और उसके पोर्टफोलियो में सालाना 58 लाख टन एलएनजी जुड़ चुकी है। गेल को सैबीन पास और कोव प्वाइंट टर्मिनल्स से सालाना 90 कार्गो मिलेंगे।’

 

 

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