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19 दिन में 6% टूटा क्रूड, इन 3 वजहों से आ सकती है और बड़ी गिरावट

इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा गिरी हैं, जिसमें आगे और भी गिरावट आने का अनुमान है।

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नई दिल्ली.  मई में 80 डॉलर प्रति बैरल का लेवल पार करने के बाद क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा गिरी हैं, जिसमें आगे और भी गिरावट आने का अनुमान है। कमोडिटी एक्सपर्ट कहना है कि 22 जून को ओपेक देश और रूस क्रूड का प्रोडक्शन बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। ऐसा होने पर क्रूड में बड़ी गिरावट आ सकती है और यह 60 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। 

 

6% से ज्यादा टूटे क्रूड के दाम

इंटरनेशनल मार्केट में पिछले एक महीने में क्रूड 80.50 डॉलर प्रति बैरल से फिसलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। 17 मई 2018 को क्रूड नवंबर 2014 के बाद पहली बार 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया था। लेकिन ओपेक देशों और रूस द्वारा क्रूड प्रोडक्शन बढ़ाए जाने के संकेत से कीमतों में गिरावट आई है। तब से अब तक इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड हाई लेवल से 6.38 फीसदी गिरकर 75.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

 

इन वजहों से आई थी क्रूड में तेजी

नवंबर 2014 के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड का दाम इंटरनेशनल मार्केट में 80 डॉलर के पार निकला था। क्रूड के दाम बढ़ने के पीछे ओपेक और रूस द्वारा प्रोडक्शन में कटौती, ईरान पर अमेरिका की तरफ से प्रतिबंध के बाद सप्लाई घटने का डर आदि वजह थीं। ईरान क्रूड का तीसरा सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है। इसके अलावा वेनेजुएला से क्रूड ऑयल की आपूर्ति में कमी आना भी इसकी वजह थी।

 

क्यों गिरेंगी क्रूड की कीमतें-

 

# प्रोडक्शन बढ़ाने के संकेत

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि क्रूड प्रोडक्शन को लेकर 22 जून को ओपेक औऱ नॉन-ओपेक देशों की बैठक है। वेनेजुएला और ईरान की ओर से क्रूड सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए ये देश प्रोडक्शन बढ़ा सकते हैं। इसके लिए प्रोडक्शन में कमी के लिए की गई डील में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

इससे पहले मार्केट में क्रूड की सप्लाई ज्यादा घटने के डर से ओपेक और रूस ने रोजाना 10 बैरल प्रोडक्शन बढ़ाए जाने का संकेत दिए थे। अब इसका असर भी क्रूड की कीमतों पर देखा जा रहा है।

 

# अमेरिका में क्रूड प्रोडक्शन हाई पर

एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिका में क्रूड प्रोडक्शन नए हाई पर पहुंच गया है और वहीं अमेरिका ने क्रूड प्रोडक्शन में कटौती नहीं करने का भी ऐलान किया है। मार्च में अमेरिका में क्रूड प्रोडक्शन 10.47 मिलियन बैरल प्रति दिन पहुंच गया है। वहीं अमेरिका में 1 जून को दो और रिग्स बढ़े हैं, जिससे ऑयल रिग्स की कुल संख्या बढ़कर 861 हो गई है।

 

#अच्छे नहीं रहे चीन के जीडीपी के आंकड़े

भारत और चीन क्रूड के सबसे बड़े कंज्यूमर हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन के जीडीपी के आंकड़े अच्छे नहीं रहे हैं। इसका मतलब है कि विकास की रफ्तार धीमी हुई है। ऐसे में क्रूड की डिमांड में कमी आएगी। चीन की तरफ से डिमांड कम होने से मार्केट में क्रूड की सप्लाई बढ़ जाएगी, जिसका असर क्रूड की कीमतों पर देखने को मिलेगा।

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