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अभी और सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल, एक साल के सबसे निचले स्तर पर आया कच्चा तेल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 56.49 डालर प्रति बैरल तक गिरा

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नई दिल्ली। ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों और उत्पादन में बढ़ोतरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट लगातार जारी है। इसी गिरावट के कारण कच्चे तेल की कीमतें एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 56.49 डालर प्रति बैरल पर चल रही हैं। अमेरिकी WTI क्रूड भी 50 डालर से नीचे गिरकर 46.67 डालर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट का भारत के ग्राहकों को भी फायदा मिल सकता है और आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में अभी और गिरावट हो सकती है।

 

इन कारणों से हो रही गिरावट

- अमेरिका ने ईरान पर कई व्यापारिक प्रतिबंध लगा रखे हैं। इन प्रतिबंधों से निपटने के लिए ईरान चोरी छिपे कच्चा तेल सस्ती कीमत पर बेच रहा है। 

- अक्टूबर में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अमेरिका, ओपेक देशों, सऊदी अरब और रुस ने तेल उत्पादन बढ़ा दिया था। इसका असर अब दिख रहा है और मांग से ज्यादा उत्पादन होने के कारण कीमतों में लगातार गिरावट हो रही है। 
- चीन में काफी समय से अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े भी खराब तस्वीर पेश कर रहे हैं। हाल ही में चीन में रिटेल सेल्स डाटा 15 साल में सबसे कम आया है, इसको भी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का एक कारण माना जा रहा है।

 

आगे पढ़ें-- राजनीति के कारण भी हो रही गिरावट

राजनीतिक कारणों से भी हो सकती है गिरावट

बाजार के जानकार सुब्रमण्यन पशुपति का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में एक-दो डॉलर की गिरावट सामान्य मानी जाती है। लेकिन जिस तरह से अक्टूबर के बाद से अब तक गिरावट हो रही है, उसके राजनीति कारण हो सकते हैं। पशुपति की मानें तो अमेरिका हमेशा कच्चे तेल की कीमतों को 60-65 डॉलर के बीच रखना चाहता है। इसके पीछे उसकी मंशा यह है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी तो इससे रूस को फायदा होगा। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के पक्ष में नहीं हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि आगे भी कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रह सकती है। 

 

आगे पढ़ें-- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर होगा ये असर

अभी और सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रही लगातार गिरावट का फायदा भारतीय ग्राहकों को भी मिल रहा है। अक्टूबर के बाद से अब तक पेट्रोल और डीजल में करीब 10 रुपए की गिरावट आ चुकी है। जानकारों का कहना है कि जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट हो रही है, उसका स्थानीय बाजार में भी असर दिखेगा। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और गिरावट हो सकती है। 

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