ब्रेंट क्रूड अप्रैल के बाद पहली बार 70 डॉलर से नीचे, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ने और निवेशकों की चिंताओं के बीच कच्चा तेल कई महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर का स्तर तोड़ते हुए 69.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो इस साल अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी के तौर पर कंज्यूमर्स को राहत मिल सकती है।

moneybhaskar

Nov 09,2018 05:53:00 PM IST

लंदन. ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ने और निवेशकों की चिंताओं के बीच कच्चा तेल कई महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर का स्तर तोड़ते हुए 69.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो इस साल अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी के तौर पर कंज्यूमर्स को राहत मिल सकती है।

एक महीने में 18 फीसदी सस्ता हुआ क्रूड

रॉयटर्स के मुताबिक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का यह स्तर अक्टूबर की शुरुआत की तुलना मे 18 फीसदी कम है, जब कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। वहीं यूएस लाइट क्रूड ऑयल भी अक्टूबर की शुरुआत से 20 फीसदी टूट चुका है और यह इस सप्ताह 4.3 फीसदी की गिरावट के साथ 60.42 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। कुल मिलाकर क्रूड ऑयल में गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

इन वजहों से घट रही हैं कीमतें

अक्टूबर में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते क्रूड की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली थी। हालांकि 4 नवंबर को प्रतिबंध लागू होने के बाद कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि अमेरिका द्वारा भारत, चीन सहित 8 देशों को ईरान से तेल खरीदने की छूट देने का असर इस मार्केट पर दिख रहा है। वहीं ईरानी तेल की सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए सऊदी अरब, रूस और अमेरिका की शेल गैस प्रोड्यूसर कंपनियों द्वारा धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ाने से कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका, रूस और सऊदी अरब की तरफ से सप्लाई 3.3 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो पूरी दुनिया में होने वाली सप्लाई का लगभग एक तिहाई है।

भारत सहित 8 देशों को मिली है ईरान से तेल खरीदने की छूट

गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े खरीददार 8 देशों को कम से कम छह महीने के लिए सीमित खरीद की छूट दे दी है। चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉर्प ने कहा कि वह उन ईरानी फील्ड्स से तेल खरीदती रहेगी, जिनमें उसकी हिस्सेदारी है।

ईरान से तेल का एक्सपोर्ट हुआ आधा

अमेरिका ने कहा कि वह ईरानी तेल के एक्सपोर्ट को पूरी तरह बंद करना चाहता है, लेकिन छूट की अवधि के दौरान ईरान से तेल का एक्सपोर्ट घटकर 15 लाख बीपीडी रह जाएगा जो 2018 के मध्य में हुई एवरेज सप्लाई की तुलना में आधा है।

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