Home » Market » Commodity » EnergyBrent Crude prices hit year low as OPEC considers output cut

क्रूड ने तोड़ा 61 डॉलर प्रति बैरल का स्तर, और सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल

एक साल के निचले स्तर पर पहुंचा Brent Crude

Brent Crude prices hit year low as OPEC considers output cut

 

लंदन. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें शुक्रवार को 61 डॉलर प्रति बैरल का स्तर स्तर तोड़ते हुए  एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गईं। इससे चिंतित तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC ने प्रोडक्शन घटाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि अमेरिका की अगुआई में तेल की सप्लाई बढ़ने से कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में उम्मीद है कि भारत में आगे भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

 

 

नवंबर में 4 रुपए सस्ता हो चुका है पेट्रोल

नवंबर में  पेट्रोल और डीज़ल प्रति लीटर 4 रुपए से ज्यादा सस्ता हो चुके हैं। इससे पहले 26 जून को दिल्ली में पेट्रोल 75.55 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था। इस तरह से पेट्रोल का भाव 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। वहीं डीजल का भाव करीब 3 महीने के निचले स्तर पर है।

 

यह भी पढ़ें-अब भारत में तेल जमा करेगा यह अरब देश, हो गई बड़ी डील

 

उत्पादन में कमी कर सकते हैं ओपेक देश

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की अगुआई वाला ओपेक 6 दिसंबर को होने वाली मीटिंग में उत्पादन में कटौती पर विचार कर सकता है। नवंबर में अभी तक तेल की कीमतों में 20 फीसदी तक की कमी आ चुकी है और लगातार सातवें हफ्ते कीमतों में गिरावट आई है।

 

61 डॉलर से नीचे आया ब्रेंट क्रूड

शुक्रवार को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.31 डॉलर यानी 3.7 फीसदी गिरकर 60.29 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया, जो नवंबर 2017 के बाद का न्यूनतम स्तर था। फिलहाल तेल 1.85 डॉलर की कमजोरी के साथ 60.75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भारत में ब्रेंट क्रूड के आधार पर तेल की कीमतें तय होती हैं।

 

यह भी पढ़ें-मोदी ने चीन को उसी की चाल से दी मात, मालदीव में फिर बजा भारत का डंका

 

यूएस लाइट क्रूड 5 फीसदी टूटा

वहीं यूएस लाइट क्रूड में 2.90 डॉलर या 5 फीसदी कमजोर होकर 51.73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार हो रहा है। पीवीएम ऑयल एसोसिएट्स के स्ट्रैटेजिस्ट तामस वर्गा ने कहा, ‘सवाल यह उठता है कि कीमतों में कब तक गिरावट आती रहेगी। ऐसे में चार साल पहले की तुलना में मौजूदा सप्लाई और डिमांड की स्थिति की तुलना करना उचित है।’

 

कीमतों में इस साल खासी तेजी देखने को मिली है। इंटरनेशन एनर्जी एजेंसी को नॉन ओपेक देशों में उत्पादन इस साल बढ़कर 23 लाख बैरल प्रति दिन होने की उम्मीद है, जो उसके छह महीने पहले के 18 लाख बैरल प्रति दिन के अनुमान से ज्यादा है।

 

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Don't Miss