क्रूड के दाम 20 फीसदी की उछाल के साथ तीन माह में सबसे अधिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जारी रहेगी बढ़ोतरी

Petrol Diesel Prices May Rise In Coming Days: पेट्रोल और डीजल के दाम आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं। दरअसल, तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक द्वारा उत्पादन घटाने के बाद कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। यह तीन महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 15 नवंबर 2018 के आसपास कीमत इस स्तर पर थी। 1 जनवरी से अब तक तेल 21% महंगा हो चुका है। भारतीय बास्केट के क्रूड के दाम में इस दौरान करीब 12% बढ़ोतरी हुई है।

Money Bhaskar

Feb 16,2019 12:39:00 PM IST

नई दिल्ली

पेट्रोल और डीजल के दाम आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं। दरअसल, तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक द्वारा उत्पादन घटाने के बाद कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। यह तीन महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 15 नवंबर 2018 के आसपास कीमत इस स्तर पर थी। 1 जनवरी से अब तक तेल 21% महंगा हो चुका है। भारतीय बास्केट के क्रूड के दाम में इस दौरान करीब 12% बढ़ोतरी हुई है।

तेल की आपूर्ति में हो सकती है कटौती

एंजेल ब्रोकिंग हाउस के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (ऊर्जा एवं करेंसी) अनुज गुप्ता ने कहा, ‘अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव दूर करने के लिए बातचीत आगे बढ़ रही है। इसके साथ ओपेक द्वारा तेल की आपूर्ति में कटौती किए जाने से कीमतों में तेजी आई है। वेनेजुएला और ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध से भी दाम बढ़ रहे हैं। इस बीच, ओपेक के प्रमुख सदस्य सऊदी अरब ने कहा है कि वह अगले महीने तेल की आपूर्ति में और कटौती कर सकता है। ओपेक और रूस के बीच दिसंबर में रोजाना 1.2 लाख बैरल तेल की आपूर्ति कम करने पर सहमति बनी थी।

हफ्ते भर में पेट्रोल 18 पैसे, डीजल 17 पैसे महंगे

हफ्ते भर में दिल्ली में पेट्रोल 18 पैसे और डीजल 17 पैसे महंगा हुआ है। कंपनियां एक पखवाड़े पहले के भारतीय बास्केट क्रूड के आधार पर पेट्रोल-डीजल के दाम तय करती हैं। पिछले पखवाड़े भारतीय बास्केट क्रूड का दाम 58.71 डॉलर प्रति बैरल था। अब 65 डॉलर के आसपास चल रहा है। इस आधार पर विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आगे पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।

तेल आयात का खर्च 5 साल के रिकॉर्ड पर पहुंच सकता है

महंगे क्रूड के कारण मौजूदा वित्त वर्ष में तेल आयात का खर्च 5 साल के रिकॉर्ड पर पहुंच सकता है। अप्रैल से दिसंबर 2018 तक 6.07 लाख करोड़ रुपए का क्रूड आयात हुआ। औसतन 60,000 करोड़ रुपए के हिसाब से तीन महीने में यह 1.8 लाख करोड़ रु. और बढ़ेगा। इस तरह पूरे साल का खर्च 7.87 लाख करोड़ तक जा सकता है। तेल आयात पर 2013-14 में रिकॉर्ड 8.64 लाख करोड़ रु. खर्च हुए थे।

पिछले साल से 40% ज्यादा होगा तेल आयात बिल

साल तेल आयात पर खर्च (लाख करोड़ रुपए में)
2014-15 6.87
2015-16 4.16
2016-17 4.70
2017-18 5.66
2018-19

7.87

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