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पेट्रोल-डीजल के दाम नए रिकॉर्ड पर, दिल्‍ली में 76.57 रुपए/लीटर हुआ पेट्रोल का भाव

सरकारी तेल कंपनियां कर्नाटक चुनाव के बाद 14 मई से लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रही हैं।

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नई दिल्ली. सरकारी तेल कंपनियां कर्नाटक चुनाव के बाद 14 मई से लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रही हैं। सोमवार को 8वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गई। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 76.57 रुपए प्रति लीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं, डीजल का भाव 67.82 रुपए प्रति लीटर हो गया। 14 मई से 21 मई तक आठ दिन में दिल्ली में पेट्रोल 1.94 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। वहीं, सोमवार को देश में पेट्रोल की सबसे ज्‍यादा कीमत मुंबई में 84.40 रुपए प्रति लीटर रही। इससे पहले 14 सितंबर 2013 को दिल्ली में पेट्रोल 76.06 रुपए था। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि वह पेट्रोल-डीजल की महंगाई से निपटने का रास्‍ता तलाश रही है। 

 

 

हैदराबाद में डीजल सबसे महंगा 
डीजल के दाम सोमवार को दिल्‍ली में 67.82 रुपए प्रति लीटर के नए रिकॉर्ड पर रहे। लेकिन, देश में सबसे महंगा डीजल हैदराबाद में हुआ, जहां भाव 73.72 रुपए प्रति लीटर दर्ज किए गए। वहीं, चारों महानगरों में डीजल के सबसे ज्‍यादा दाम मुंबई में 72.21 रुपए प्रति लीटर रहे। 

 

चार महानगरों में पेट्रोल के दाम

शहर सोमवार के भाव (रु./लीटर) बढ़ोतरी (14 मई से 21 मई तक)
दिल्ली 76.57 1.94 रुपए
मुंबई 84.40 1.92 रुपए
कोलकाता 79.24 1.92 रुपए
चेन्नई 79.47 2.04 रुपए

(सोर्स: इंडियन ऑयल)

 

कर्नाटक चुनाव के दौरान नहीं बढ़े थे दाम 
कर्नाटक में मतदान से पहले तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे। इससे उन्हें करीब 500 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इसकी भरपाई के लिए अब कंपनियां तेल के दाम में हर दिन इजाफा कर रही हैं। इसी तरह, पिछले साल गुजरात चुनाव से पहले इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी कंपनियों ने वहां लगातार 15 दिन तक पेट्रोल के दाम में 1 से 3 पैसे की कटौती की थी। गुजरात में 14 दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए थे। वहां भी वोटिंग के बाद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए।

 

जल्‍द समाधान निकाल लेगी सरकार 
वहीं, रविवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह माना कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी से देश की जनता और खास तौर से मिडिल क्लास को काफी परेशानी हो रही है। इसके पीछे वजह तेल कंपनियों के प्रोडक्शन में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी है। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार जल्द ही इसका समाधान ढूंढ़ लेगी।

 

सरकार अभी नहीं घटाएगी एक्‍साइज ड्यूटी 
इससे पहले, शुक्रवार को डिपॉर्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने यह संकेत दिए कि केंद्र फिलहाल डीजल-पेट्रोल पर एक्‍साइज ड्यूटी नहीं घटाएगा। 2017-18 में तेल आयात बिल 72 अरब डॉलर था। पिछले कुछ महीनों से कच्‍चे तेल की कीमतें बढ़ रहीं हैं और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के स्‍तर पर पहुंच गईं हैं। उन्‍होंने बताया कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल (क्रूड) की कीमतों में इजाफा होने से देश का तेल आयात बिल 25 से 50 अरब डॉलर तक बढ़ेगा। 

 

आगे पढ़ें... अभी कितना महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

 

8 रुपए तक महंगे हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल 
ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनले के मुताबिक, विदेशी बाजार में क्रूड (कच्चे तेल) की कीमत में उछाल आने से घरेलू बाजार में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है। पेट्रोल-डीजल के दाम अभी 6 से 8 रुपए तक बढ़ सकते हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने भी पेट्रोल के दाम में 4 रुपए प्रति लीटर तक उछाल आने की संभावना जताई है। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में दो साल तक उछाल आने का अनुमान है। 2020 तक यह 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2014 में यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा था।

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