महंगाई /नई सरकार बनते ही दाल की कीमत पहुंच जाएगी 110-115 रुपए किलो

  • वर्ष 2015 में 200 रुपए किलो हो गई थी दाल की कीमत
  • नई सरकार बनने के बाद ही दाल आयात के लिए दाल मिलर्स को लाइसेंस जारी होने का अनुमान

Money Bhaskar

May 20,2019 01:09:00 PM IST

मनी भास्कर, नई दिल्ली।

23 मई को लोक सभा चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि 26 मई तक केंद्र में नई सरकार का गठन हो जाएगा। लेकिन नई सरकार बनते ही दाल के खुदरा दाम 110-115 रुपए तक हो जाएंगे। इसकी मुख्य वजह है कि पिछले सप्ताह दाल के थोक दाम में 7-8 रुपए प्रति किलोग्राम तक की तेजी आई है। इसका सीधा असर दाल की खुदरा कीमतों पर पड़ने जा रही है। तुअर दाल के उत्पादन में इस साल पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी तक की गिरावट है।

थोक दाम में 7-8 रुपए प्रति किलोग्राम तक का इजाफा

दिल्ली की थोक मंडी खारी-बावली के थोक दाल व्यापारी संजय गुप्ता ने बताया कि तुअर दाल के थोक दाम 93 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गए हैं। पिछले सप्ताह दाल के थोक दाम में 7-8 रुपए प्रति किलोग्राम तक का इजाफा देखा गया। खुदरा व्यापारियों ने बताया कि अभी तुअर दाल की कीमत 100 के आस-पास पहुंच चुकी है, लेकिन थोक बाजार में हुई बढ़ोतरी का असर अगले सप्ताह तक खुदरा बाजार पर दिखने लगेगा और दाल की कीमतें हर हाल में 110 रुपए प्रति किलोग्राम के पास हो जाएंगी।

दाल के आयात की प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक माह का समय लगेगा

दाल की कीमतों पर लगाम के लिए सरकार दाल मिलर्स को 2 लाख टन दाल आयात करने का लाइसेंस देने जा रही है। लेकिन दाल के आयात की प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक माह का समय लग जाएगा। उसके बाद ही दाल के दाम में राहत मिलने की संभावना है। वर्ष 2015 में दाल के खुदरा दाम 200 रुपए प्रति किलोग्राम के पार चले गए थे। व्यापारियों का कहना है कि दाल में तेजी चल रही है और अभी यह रुख जारी रहेगा। उड़द दाल के उत्पादन में भी पिछले साल की तुलना में 15-20 फीसदी की गिरावट है। तुअर एवं उड़द में तेजी के रुख से चना दाल में भी मजबूती शुरू हो गई है।

तुअर दाल की थोक कीमत लगातार बढ़ रही है

ऑल इंडिया दाल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने मनी भास्कर को बताया कि तुअर दाल की थोक कीमत लगातार बढ़ रही है। इससे किसानों दो साल के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अधिक मूल्य पर दालों की बिक्री कर पा रहे हैं। अग्रवाल ने मनी भास्कर को बताया कि दाल के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार दाल मिलर्स को आयात का लाइसेंस जारी करने जा रही है। दाल मिलर्स 2 लाख टन दाल का आयात कर सकेंगे। अग्रवाल ने बताया कि दाल के बड़े आयातक 1.5 लाख टन तुअर दाल का आयात पूरा कर चुके हैं, लेकिन वे आयातित दाल को बाजार में रिलीज नहीं कर रहे हैं। इससे भी दाल के दाम में तेजी का रुख है।

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