Home »Market »Commodity »Agri» Price Of Pulses May Increase Once Again, Pressure Due To Low Production In Canada

एक बार फिर बढ़ सकती है दालों की कीमतें, कनाडा में उत्पादन कम होनी की आशंका से बढ़ा प्रेशर

नई दिल्‍ली.  आने वाले दिनों में दालों की कीमतें एक बार फिर आपको परेशान कर सकती हैं। ऐसा इसलिए है कि भारत को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करने वाले देश कनाडा में इस बार दालों का उत्पादन कम होने की आशंका है। वहां की सरकार ने दलहन उत्पादन के अनुमान में 10 फीसदी की कटौती कर दी है। ऐसे में अगर कनाडा से भारत में दालों का इम्पोर्ट कम होता है तो उसका सीधा असर कीमतों पर दिखेगा।
 
लगभग50लाख टन करना होगा इम्पोर्ट
 
भारत में पिछले दो सालों में सूखे के दौरान दालों का उत्‍पादन बेहद कम रहा था। पिछले साल यह महज 167 लाख टन पर ही सिमट गया था। प्रमुख दालों की कीमत 70-80 रुपए से बढ़कर 200 से 210 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गईं थीं। ऐसे में देश में लगभग 60 लाख टन दालों का इंपोर्ट करना पड़ा था। इसके बाद इस साल बेहतर मौसम और किसानों के लिए बढ़ी एमएसपी होने से दलहन उत्‍पादन 220 लाख टन होने की उम्‍मीद है। लेकिन, सरकारी आंकड़़ों के अनुसार देश में दलहन खपत 260 से 270 लाख टन के बीच है। ऐसे में लगभग 50 लाख टन दलहन इम्पोर्ट करना पड़ सकता है। 
 
कनाडा से आती हैं40फीसदी इंपोर्टेड दाल
 
भारत सबसे ज्‍यादा दाल कनाडा से ही इंपोर्ट करता है। कनाडा से मसूर, मटर और चना की आपूर्ति होती है। इंडियन पल्सेस एंड ग्रेन एसोसिएशन के अध्‍यक्ष प्रवीण ढोंगरे ने moneybhaskar.com को बताया कि इस साल भी भारत में मार्च 2017 तक 41,67,085 (प्राइवेट ट्रेडर्स) टन दालों का इंपोर्ट किया गया है। इसमें से 18,15,130 टन दालें अकेले कनाडा से ही इंपोर्ट की गईं हैं जो कि लगभग 43 फीसदी है। इसके अलावा सरकारी एजेंसियां भी लगभग 4 लाख टन दालों का इंपोर्ट कर चुकी हैं। इसमें से भी लगभग 1.3 लाख टन दालें (मसूर और चना) कनाडा से ही इंपोर्ट हुआ है।
 
कनाडा में दाल उत्‍पादन घटने की आशंका
 
इस साल भारत को दाल इंपोर्ट में कनाडा की ओर से झटका वहां उत्‍पादन कम होने के कारण लग सकता है। कनाडा के एग्रीकल्‍चर एंड एग्रीफूड कनाडा (एएएफसी) ने दलहन(मसूर) उत्‍पादन के अनुमान में 4 लाख टन की कमी की है। एएएफसी की वेबसाइट और कनाडा के दाल संगठन पल्‍सेस कनाडा की वेबसाइट के अनुसार पहले कनाडा में साल 2017-18 में मसूर उत्‍पादन 35 लाख टन होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन, अब एएएफसी ने इसे 31 लाख टन कर दिया है। इसके अलावा वहां चना उत्‍पादन में भी लगभग 20 फीसदी की कमी की आशंका जताई गई है।
 
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