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Home » Market » Commodity » AgriPepsico registered rs one crore case against farmers to cultivating FC-5 potato

केस / गुजरात के किसानों को आलू उगाना पड़ा भारी, दर्ज हुआ 1 करोड़ का मुकदमा, काटने पड़ रहे कोर्ट के चक्कर

किसान संगठनों ने मामले में केंद्र की मोदी सरकार से मांगी मदद 

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नई दिल्ली. गुजरात के किसानों को आलू उगाना भारी पड़ गया। इसके बदले किसानों पर 1 करोड़ रुपए के हर्जाने का मुकदमा दर्ज हो गया। ऐसे में अब इन किसानों को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह मामला गुजरात के साबरकांठा और अरावली जिले का है। 

 

क्या था मामला 

दरअसल पेप्सी और लेज चिप्स प्रोडेक्ट बनाने वाली कंपनी Pepsico इंडिया ने गुजरात के 9 किसानों के खिलाफ दर्ज कराया और आरोप लगाया गया है इन किसानों ने कंपनी की बिना इजाजत खास किस्म के आलू FC-5 या फिर FL2027 उगाए साथ ही उनकी बिक्री की है, जो कि प्लांट वराइटी प्रोटेक्शन (PVP) राइट्स का उल्लंघन है। कंपनी ने कहा कि यह आलू उगाने का अधिकार सिर्फ pepsico के पास है। इस खास किस्म के आलू से लेज ब्रांड का चिप्स बनाया जाता है। 

 

दर्ज हुआ एक करोड़ रुपए का मुकदमा 

Pepsico ने किसानों के खिलाफ अहमदाबाद कोर्ट में एक करोड़ रुपए हर्जाने का केस फाइल किया है। साथ ही मदोसा जिला अदालत में 20 लाख रुपए का केस दर्ज किया है। इस मामले में अहमदाबाद कोर्ट में 26 अप्रैल को सुनवाई होगी। इससे पहले 2018 में भी कंपनी ने अरावली जिले के पांच किसानों प्रभुदास पटेल, भारत पटेल, जीतू पटेल, विनोद पटेल और जिगर कुमार पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस मामले की भी सुनवाई अभी तक अरावली जिला अदालत में चल रही है। 

 

किसानों ने पीएम मोदी से मांगी मदद 

मामले में गुजरात के किसान संगठनों ने केंद्र की मोदी सरकार से मदद मांगी है कि Pepsico की ओर से किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लिए जाएं। किसानों ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को फर्जी बताया है। RSS से जुडे किसान संगठन भारतीय किसान संघ ने भी आलू उत्पादन करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की मांग की है। 

 

 

मुकदमों को किसान अधिकारों का बताया हनन 

अहमदाबाद के एक एनजीओ में कार्यरत विनय महाजन ने इसे किसानों की निजता और अधिकारों का उल्लंघन बताया। महाजन के मुताबिक कंपनी ने किसानों के खेतों की जासूसी की और उनके खेतों से आलू का सैंपल जुटाया। यह किसानों की निजता का हनन है। 

कृषि मंत्रालय को लिखा पत्र

192 लोगों ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधीन आने वाले प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैराइटीज एंड फार्मर्स राइट्स (PPV&FR) को पत्र लिखा है और मांग की है कि निजी कंपनी बिना किसान और स्थानीय जिला कृषि कार्यालय की अनुमति के बिना उसके खेत में प्रवेश न कर सके। 

 

 

26 अप्रैल तक आलू की बिक्री पर रोक

पेप्सिको इंडिया की याचिका पर अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट ने 26 अप्रैल तक आलू की इस खास किस्म को उगाने और बिक्री करने से रोक दिया है। कोर्ट मे मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर एक वकील को भी कोर्ट कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किया है। 

 

 

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