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  • Onion gets cheaper by Rs 9 in 5 days, prices may fall up to Rs 40/kg

9 रु सस्ता हुआ प्याज, कीमत 40 रु तक आने की उम्मीद

COMMODITY TEAM

Aug 27,2015 02:59:00 PM IST
नई दिल्ली। जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई का डर, एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध और नई फसल की आवक बढ़ने से प्याज की कीमतों में गिरावट आनी शुरू हो गई है। एशियाई की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव (महाराष्ट्र) में पिछले 5 दिन में प्याज 9 रुपए प्रति किलो तक सस्ता हो चुका है। शनिवार को प्याज 57 रुपए प्रति किलो के भाव बिका था। लेकिन आज दाम घटकर 48 रुपए प्रति किलो रह गया। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले एक महीने के दौरान थोक बाजार में प्याज का भाव 40 रुपए रुपए प्रति किलो पर आ सकता है।
और सस्ता होगा प्याज
दिल्ली के प्याज कारोबारी लियाकत अली ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम की वजह से प्याज की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं प्राइवेट कारोबारी पाकिस्तान और अफगानिस्तान से प्याज का इंपोर्ट कर रहे हैं। इन सबके अलावा मंडियों में नए प्याज की आवक भी शुरू हो गई है और आगे चलकर इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ऐसे में अगले एक महीने के दौरान प्याज की कीमतें 40 रुपए प्रति किलो पर आ सकती है।
एमईपी बढ़ने से सप्लाई में इजाफा
नासिक के एक कारोबारी ने कहा कि प्याज की कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (एमईपी) को बढ़ा दिया है। इसकी वजह से प्याज की सप्लाई बढ़ी है। सरकार ने एमईपी को 425 डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 700 डॉलर प्रति टन पर दिया है। जून-जुलाई के दौरान 60,000 टन प्याज एक्सपोर्ट हुआ है। इससे पहले सरकार ने जून में एमईपी को बढ़ाया था।
आजादपुर मंडी समिति के सदस्य राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से प्याज की आवक बढ़ी है। साथ ही मंडी में स्टॉक बचा हुआ है। इसके कारण दिल्ली में प्याज की कीमतें गिरी है। शर्मा के मुताबिक थोक बाजार में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार में भी दिखाई देगा। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से खरीफ सीजन के दौरान समय से पहली बोई गई प्याज की आवक शुरु हो गई है। महाराष्ट्र से अक्टूबर में शुरु होने वाली प्याज की आवक तक यह सप्लाई को सामान्य बनाए रखने में मदद करेगा।
10,000 टन प्याज इंपोर्ट के लिए टेंडर जारी
एमएमटीसी ने शुक्रवार को 10,000 टन प्याज इंपोर्ट करने के लिए टेंडर जारी किया है। टेंडर के मुताबिक, एमएमटीसी वाघा बॉर्डर, कांडला, जेएनपीटी और चेन्नई बंदरगाहों के माध्यम से 15 सितंबर तक प्याज इंपोर्ट के लिए 10,000 टन के आयात के लिए बोली मंगाई है। बिड के लिए अंतिम तारीख 27 अगस्त है और 2 सितंबर तक वैध्य रहेगी। बिड कम से कम 1,000 टन प्याज इंपोर्ट के लिए लगानी होगी।
5 लाख टन प्याज उत्पादन घटने का अनुमान
मार्च-अप्रैल के दौरान हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से देश में प्याज का उत्पादन घटने का अनुमान है। 2014-15 (जुलाई-जून) में प्याज का उत्पादन 5 लाख टन घटकर 189 लाख टन हो सकता है। जबकि 2013-14 के दौरान देश में 194 लाख टन प्याज पैदा हुआ था। देश रबी सीजन का प्याज 14 लाख टन ही बचा है। जबकि, जुलाई में 28 लाख टन स्टॉक था।
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