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खुशखबरी / अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसानों का क्लेम सेटलमेंट करेगी सरकार

2020 में पेश किए जाएंगे नतीजे

Now, AI to help government gauge crop yield
  • आंकड़े सामने आने के बाद इसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनाया जाएगा

नई दिल्ली। फसल बीमा योजना के तहत किसानों के क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाने के लिए कृषि मंत्रालय ने नई तकनीकों का इस्तेमाल का फैसला लिया है।  इसके चलते गांव और ग्राम पंचायत स्तर पर फसल की उपज का अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा। सरकार के इस कदम से उपज का सटीक और जल्द अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। पायलट अध्ययन के जरिए यह एजेंसियां फसल की उपज का अनुमान लगाएंगी। यह अध्ययन आने वाली खरीफ की फसलों के मौसम में आयोजित किया जाएगा, जिसके नतीजे 2020 में पेश किए जाएंगे। 

आंकड़े सामने आने के बाद इसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनाया जाएगा


फसल की उपज का अनुमान लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले टेक्नोलॉजिकल टूल्स में उच्च अनुपात-अस्थायी रिमोट सेंसिंग डेटा, मानव रहित हवाई वाहन, मशीन सीखना, उन्नत बुद्धिमान फसल सिमुलेशन मॉडल और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस शामिल हैं। पायलट अध्ययन के लिए अनुभवी एजेंसियों को आमंत्रित करने के लिए जारी किए गए 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' के अनुसार, मंत्रालय ने शुरू में आठ फसलों - धान, सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, शर्बत, मूंगफली और ग्वार की पहचान की है। एक अधिकारी ने कहा, आंकड़े सामने आने के बाद इसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनाया जाएगा। 

नई टेक्नोलॉजी का उपयोग पूरी प्रक्रिया को गति देगा


वर्तमान में,  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण किसानों को हुई उपज हानि का निर्धारण करने के लिए ‘क्रॉप कल्टिंग एक्सपेरिमेंट’ (CCE) का उपयोग करता है। CCE, हालांकि, एक 'टाइम कंज्यूमिंग मेथड है जिसके परिणामस्वरूप क्लेम सेटलमेंट में देरी होती है। लेकिन इस नई टेक्नोलॉजी का उपयोग इस पूरी प्रक्रिया को गति देगा। अधिकारी ने बताया  कि पायलट परियोजनाओं के निष्कर्षों का आकलन गांव / ग्राम पंचायत स्तर पर सटीक उपज के आकलन के लिए किया जाएगा। यह पायलट प्रोजेक्ट महालनोबिस नेशनल क्रॉप फोरकास्ट सेंटर (MNCFC)की देखरेख  में आयोजित किया जाएगा, जो वर्तमान में देश में कृषि क्षेत्र का 80% से अधिक क्षेत्र को कवर करने के लिए जिला स्तर पर उपज आकलन का अभ्यास कर रहा है।
 

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