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महंगाई की मार / अमूल के बाद मदर डेयरी का दूध भी हुआ महंगा, 2 रु लीटर तक बढ़ी कीमत

चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद महंगा हुआ दूध

Mother Dairy hikes milk prices by up to Rs 2 a litre
  • मदर डेयरी ने किसानों से खरीद की कॉस्ट बढ़ने के कारण शुक्रवार को अपने दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया

 

नई दिल्ली. अमूल के बाद अब मदर डेयरी (Mother Dairy) ने भी दूध की कीमतें बढ़ा दी हैं। मदर डेयरी ने किसानों से खरीद की कॉस्ट बढ़ने के कारण शुक्रवार को अपने दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। नई कीमतें शनिवार यानी 25 मई से लागू होंगी। हालांकि अमूल के बाद मदर डेयरी यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि एक दिन पहले ही देश में लोकसभा चुनाव के नतीजे आए हैं।

पॉली पैक दूध की ही बढ़ीं कीमतें

कंपनी सिर्फ पॉली पैक मिल्क की कीमतों में इजाफा किया है। हालांकि बल्क वेंडेड दूध की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस दूध को टोकन मिल्क के नाम से भी जाना जाता है। कुछ दिन पहले ही अमूल ने भी दूध की कीमतें 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई थीं।

1 लीटर का पैक 1 रुपए हुआ महंगा

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘मदर डेयरी ने 25 मई, 2019 से दिल्ली एनसीआर में अपने पॉली पैक वैरिएंट्स की कीमतें बढ़ा दी है। अब 1 लीटर का पैक 1 रुपए और 500 मिली का पैक 2 रुपए प्रति लीटर महंगा किया गया है। इस प्रकार कंज्यूमर पर प्रति पैक 1 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।’

अमूल का दूध पहले ही हो चुका है महंगा

अमूल का पॉलीपैक दूध भी मंगलवार से ही 2 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। कीमतों में यह बढ़ोत्तरी दिल्ली एनसीआर, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लागू हो गई है। गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी ने एक बयान में यह जानकारी दी थी।
इस बदलाव के बाद से अहमदाबाद में 500 मिलीलीटर का अमूल गोल्ड (Amul Gold) का पैक 27 रुपए, अमूल शक्ति (Amul Shakti) 25 रुपए, अमूल ताजा (Amul Taaza) 21 रुपए और अमूल डायमंड (Amul Diamond) 28 रुपए का मिल रहा है। हालांकि गुजरात में काउ मिल्क यानी गाय के दूध (cow milk) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दो साल के बाद बढ़ाई कीमतें

जीसीएमएमएफ ने कहा, ‘दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी दो साल के अंतराल के बाद की गई है। इसका उद्देश्य दूध के उत्पादन में कमी और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के चलते दूध उत्पादकों को सही खरीद मूल्य उपलब्ध कराना है।’ इससे दूध उत्पादक नए मवेशी जोड़ने और ज्यादा दूध के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे उनकी आजीविका में भी इजाफा होगा।


 

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