मूंगफली तेल बना देश का सबसे महंगा खाद्य तेल, खेती के लिए किसानों का बढ़ा रुझान

COMMODITY TEAM

Jun 26,2015 09:47:00 AM IST
नई दिल्ली। घरेलू खपत और निर्यात मांग में तेजी के दम पर मूंगफली तेल देश का सबसे महंगा खाद्य तेल बन गया है। पिछले 15 दिनों के दौरान इसमें 15 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है। इससे किसानों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि मूंगफली की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा है। इस साल अभी तक देश में मूंगफली की बुआई में 71 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
15 दिन में 15 फीसदी बढ़ी कीमत
देश में कम उत्पादन और मजबूत निर्यात मांग के चलते मूंगफली तेल की कीमतें पिछले 15 दिनों में 15 फीसदी तक बढ़ी हैं। थोक बाजार में गुरुवार को मूंगफली तेल 107 रुपए प्रति किलो बिका, जबकि खुदरा बाजार में 135-140 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
मूंगफली के प्रति बढ़ा किसानों का रुझान
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता के मुताबिक पिछले साल किसानों को 4,000 रुपए प्रति टन का न्यूनतम समर्थन मूल्य तक नहीं मिल पाया था। इस कारण किसानों का रुझान मूंगफली से घटा था। हालांकि इस साल कीमतें बढ़ी हैं, इसलिए किसान कॉटन की खेती छोड़ मूंगफली की खेती कर सकते हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 22 जून तक देश भर में मूंगफली की खेती 71.4 फीसदी बढ़कर 1.35 लाख हेक्टेयर हो गई है। पिछले साल किसानों ने 79,300 हेक्टेयर में मूंगफली लगाई थी। सबसे ज्यादा बुआई गुजरात में 60,500 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल अब तक बुआई शुरू भी नहीं हुई थी।
इसलिए महंगा हुआ तेल
इंडियन ऑयल सीड एंड प्रोड्यूस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन किशोर तन्ना ने मनी भास्कर से बातचीत में बताया कि सस्ता होने की वजह से ग्राउंडनट का इस्तेमाल टेबल नट के तौर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन खपत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है। इसकी वजह से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। मूंगफली महंगी होने से तेल की कीमतों में भी उछाल आया है। बी वी मेहता के मुताबिक, मूंगफली और तेल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नमकीन के लिए किया जा रहा है।
मूंगफली और होगी महंगी
राजकोट के मूंगफली कारोबारी समीर भाई ने कहा कि देश में मूंगफली की उपलब्धता कम है इसलिए कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, जून के बाद आम तौर पर मूंगफली और तेल की मांग बढ़ने लगती है, इससे भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। समीर ने बताया कि गुजरात की मंडियों में मूंगफली 4,000 रुपए प्रति क्विंटल से लेकर 5,900 रुपए प्रति क्विंटल के भाव बिक रहा है, जबकि बिना छिलके वाली मूंगफली की कीमत 6,200 रुपए प्रति क्विंटल है। आने वाले दिनों में चालू स्तर से 500 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी देखने को मिल सकती है।
मूंगफली उत्पादन 31 फीसदी घटा
कृषि मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 2014-15 के दौरान मूंगफली का उत्पादन 31.56 फीसदी घटकर 66.48 लाख टन होने का अनुमान है। 2013-14 के दौरान देश भर में 97.14 लाख टन मूंगफली पैदा हुआ था। वहीं खरीफ सीजन की बात करें तो पिछले साल 37 फीसदी घटकर 50.57 लाख टन मूंगफली उत्पादन का अनुमान है। गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र,राजस्थान, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश में मूंगफली की खेती होती है।
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मूंगफली का निर्यात 28 फीसदी बढ़ा
 
एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट एथॉरिटी (एपिडा) के आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2014-15 (अप्रैल-मार्च) के दौरान मूंगफली का निर्यात 28.10 फीसदी बढ़कर 7.08 लाख टन पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 5.09 लाख टन मूंगफली का निर्यात हुआ था। सबसे ज्यादा मूंगफली का निर्यात इंडोनेशिया को करते हैं, इसके अलावा मलेशियाफिलीपींस, वियतनाम और थाईलैंड भी मूंगफली के खरीददार हैं।
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