बिज़नेस न्यूज़ » Market » Commodity » Agriप्याज के लिए मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस तय, कीमतें थामने के लिए सरकार का फैसला

प्याज के लिए मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस तय, कीमतें थामने के लिए सरकार का फैसला

देश में प्‍याज की उपलब्‍धता बढ़ाने के लिए सरकार ने न्‍यूनतम एक्‍सपोर्ट प्राइज (MEP) व्‍यवस्‍था लागू की है।

1 of

 

नई दिल्‍ली. देश में प्‍याज की कीमतों को थामने और उपलब्‍धता बढ़ाने के लिए सरकार ने न्‍यूनतम एक्‍सपोर्ट प्राइस (MEP) व्‍यवस्‍था लागू की है। इसके तहत प्याज के एक्सपोर्ट के लिए 850 डॉलर प्रति टन की दर तय की गई है। इस दाम से कम पर प्‍याज का निर्यात नहीं हो सकेगा। इससे उम्‍मीद है कि देश में प्‍याज की उपलब्‍ध बनी रहेगी। यह व्‍यवस्‍था 31 दिसंबर, 2017 तक लागू रहेगी। इससे पहले प्‍याज पर MEP की व्‍यवस्‍था 31 दिसंबर 2015 को खत्‍म कर दी गई थी। 

 

DGFT ने जारी किया नोटिफिकेशन

डायरेक्‍टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि प्‍याज का निर्यात तभी हो सकेगा जब लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) 850 डॉलर प्रति टन के हिसाब से हो। यह व्‍यवस्‍था 31 दिसंबर, 2017 तक लागू रहेगी। नोटिफिकेशन के अनुसार सभी तरह के प्‍याज का निर्यात एलसी के बाद ही किया जा सकेगा।

 

 

प्‍याज के दाम बढ़ने की आशंका

दरअसल प्याज की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं और सरकार को इसमें और बढ़ोत्तरी की आशंका है। इसके चलते कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍टर राम विलास पासवान ने अगस्‍त में ही कॉमर्स मिनिस्‍ट्री से प्‍याज पर MEP लागू करने को कहा था। इसके अलावा उन्‍होंने किचन में इस्‍तेमाल होने वाले सामान पर निर्यात में मिलने वाले प्रोत्‍साहन को वापस लेने का आग्रह किया था।

 

 

देश में प्‍याज के दाम 65 रुपए किलो तक

देश के कई शहरों में इस समय प्‍याज के दाम 50 से 65 रुपए प्रति किलो तक चल रहे हैं। प्‍याज की आपूर्ति कम होने के चलते आशंका है कि इसके दाम बढ़ सकते हैं। इसके चलते सरकार ने MMTC से 2000 टन प्‍याज का आयात करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा नाफेड और एसएफएसी को सीधे किसानों से प्‍याज खरीदने के निर्देश दिए हैं।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट