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​किसानों के विकास के लिए सरकार ने 4 स्‍तरों पर फोकस किया : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस एग्रीकल्चर 2022 कार्यक्रम में कहा कि ये सरकार किसानों के लिए है।

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  नेशनल कॉन्फ्रेंस एग्रीकल्चर 2022 कार्यक्रम में कहा कि ये सरकार किसानों के लिए है। उन्‍होंने इसके साथ ही बताया कि किसानों के विकास के लिए सरकार ने 4 अलग - अलग स्‍तरों पर फोकस किया। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल तो हमारे किसानों के परिश्रम से खाद्यान्न और फल-सब्जियों का उतना उत्पादन हुआ है, जितना पहले कभी नहीं हुआ। ये हमारे देश के किसानों का सामर्थ्य है कि सिर्फ एक साल में देश में दाल का उत्पादन लगभग 17 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 23 मिलियन टन हो गया है। 

 

- पीएम ने आगे कहा कि किसान की उन्नति हो, किसान की आमदनी बढ़े, इसके लिए ‘बीज से बाजार तक’ फैसले लिए जा रहे हैं। उत्पादन में आत्मनिर्भरता के इस दौर में, पूरे इको सिस्‍टम को किसानों के लिए हितकारी बनाने का काम किया जा रहा  है। 

 

चार अलग-अलग स्तरों पर फोकस

-पीएम ने बताया कि किसानों के विकास के लिए सरकार ने चार अलग-अलग स्तरों पर फोकस किया। 
पहला- ऐसे कौन-कौन से कदम उठाए जाएं जिनसे खेती पर होने वाला उनका खर्च कम हो? 
दूसरा- ऐसे कौन-कौन से कदम उठाए जाएं जिससे उन्हें अपनी पैदावार की उचित कीमत मिले?
तीसरा- खेत से लेकर बाजार तक पहुंचने के बीच फसलों-फलों-सब्जियों की जो बर्बादी होती है, उसे कैसे रोका जाए?  
चौथा- ऐसा क्या कुछ हो जिससे किसानों की अतिरिक्त आय हो। 

 

- पीएम ने कहा कि यूरिया की 100 फीसदी नीम कोटिंग की वजह से यूरिया की क्षमता बढ़ी है और ये सामने आ रहा है कि अब उतनी ही जमीन के लिए किसानों को कम यूरिया डालना पड़ता है। कम यूरिया डालने की वजह से पैसे की बचत और ज्यादा पैदावार की वजह से अधिक कमाई। ये बदलाव यूरिया की नीम कोटिंग से आ रहा है। 

 

अनाज की पैदावार बढ़ रही

पीएम ने कहा कि सॉयल हेल्थ कार्ड की वजह से अनाज की पैदावार बढ़ रही है। देश के 19 राज्यों में हुई एक स्टडी में सामने आया है कि सॉयल हेल्थ कार्ड के आधार पर खेती करने की वजह से केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल में 8 से 10 फीसदी की कमी आई है और उत्पादन में भी 5 से 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

 

साल के अंत तक लगभग 50 सिंचाई योजनाएं पूरी 
उन्‍होंने आगे कहा, सरकार ने तय किया कि दो-तीन दशकों से अटकी हुईं देश की 99 सिंचाई परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जाएगा। इसके लिए 80,000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया। इस साल के अंत तक लगभग 50 योजनाएं पूरी हो जाएंगी और बाकी अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्‍होंने कहा, जो काम 25-30 साल से अटका हुआ था, वो हम 25-30 महीने में पूरा कर रहे हैं। पूरी होती हर सिंचाई परियोजना देश के किसी न किसी हिस्से में किसान का खेती पर होने वाला खर्च कम कर रही है। PMKSY के तहत अब तक 20 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को माइक्रो इरिगेशन के दायरे में लाया जा चुका है। 


ऑपरेशन ग्रीन्स का मिलेगा फायदा 
इस बजट में जिस ऑपरेशन ग्रींस का ऐलान किया है, वो भी नई सप्लाई चेन व्यवस्था से जुड़ा है। जैसे देश में दूध के क्षेत्र में अमूल मॉडल बहुत कामयाब रहा, लाखों किसानों की आय बढ़ाने वाला रहा, वैसे ही ऑपरेशन ग्रीन्स टमाटर, प्‍याज और आलू उगाने वाले किसानों के लिए लाभकारी रहेगा। 

 

किसानों को कर्ज लेना हुआ आसान 

पीएम ने कहा कि किसानों को अलग-अलग संस्थाओं और बैंकों से कर्ज मिलने में दिक्कत न हो इसके लिए पिछले तीन वर्ष में कर्ज दी जाने वाली राशि साढ़े 8 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर अब इस बजट में 11 लाख करोड़ रुपए कर दी गई । उन्‍होंने आगे कहा कि सोलर एनर्जी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किसानों की आय बढ़ाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले तीन साल में सरकार ने लगभग पौने तीन लाख सोलर पंप किसानों के लिए स्वीकृत किए हैं। लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे डीजल पर होने वाले खर्च की भी काफी बचत हुई है। 

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