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चीनी मिलों के लिए मुसीबत बनेगा ज्यादा प्रोडक्शन, 10% तक टूटे शुगर स्टॉक्स

इस खबर के बाद शुगर स्टॉक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई शुगर स्टॉक्स को 52 हफ्ते के लो पर पहुंच गए।

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नई दिल्ली. पहले से ही गन्ना बकाये की समस्या से जूझ रही देश की शुगर इंडस्ट्री के लिए ज्यादा प्रोडक्शन बड़ी मुसीबत बन सकता है। अब इंडस्ट्री की आस एक्सपोर्ट पर टिकी है। दरअसल चीनी मिलों का चीनी प्रोडक्शन अक्टूबर-फरवरी के दौरान 41.7 फीसदी बढ़कर 2.305 करोड़ टन तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 1.626 करोड़ टन रहा था। इंडस्ट्री ऑर्गनाइजेशन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने सोमवार को एक बयान के माध्यम से यह जानकारी दी। वहीं 28 फरवरी तक देश की 522 चीनी मिलों में 43 फैक्ट्रियों में गन्ने की पेराई बंद हो गई।

 

चीनी की कीमतें गिरने के आसार

प्रोडक्शन बढ़ने के अनुमान से चीनी की कीमतें गिरने के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं। आईसीआरए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगर प्रोडक्शन मौजूदा अनुमान से ज्यादा रहता है तो चीनी की कीमतों पर फिर से प्रेशर देखने को मिल सकता है।

 

 

शुगर स्टॉक्स में 10 फीसदी तक की गिरावट

इस खबर के बाद शुगर स्टॉक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई शुगर स्टॉक्स को 52 हफ्ते के लो पर पहुंच गए।

बलरामपुर चीनी मिल्स, द्वारिकेश शुगर मिल्स, बन्नारी अम्मान शुगर्स, बजाज हिंदुस्तान, मवाना शुगर्स और थिरु अरूरन शुगर्स के स्टॉक ट्रेडिंग के दौरान 52 हफ्ते के लो पर पहुंच गए। स्टॉक्स में लगभग 10 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

 

 

इन राज्यों की ज्यादातर चीनी मिलें बंद

इस्मा ने कहा, 'कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की अधिकांश मिलों में पेराई बंद हो गई है।' वहीं 'अगले दो हफ्तों में' ज्यादातर चीनी मिलें बंद हो जाएंगी।

 

यूपी-महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा प्रोडक्शन

एसोसिएशन ने कहा कि चीनी के बड़े प्रोड्यूसर राज्य उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अक्टूबर-फरवरी के दौरान क्रमशः 73.9 लाख टन, 84.2 लाख टन और 33.5 लाख टन प्रोडक्शन हुआ। इस्मा ने कहा कि अगले 6-7 महीनों के दौरान देश से 15 लाख टन चीनी का एक्सपोर्ट होना चाहिए, क्योंकि आउटपुट 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) की तुलना में ज्यादा रहने का अनुमान है।

 

 

एक्सपोर्ट बढ़ने से मिलेगी मिलों को राहत

एसोसिएशन ने कहा, 'निर्यात से चीनी मिलों को अतिरिक्त कैश फ्लो मिलेगा, जिससे गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य के पेमेंट में सुधार किया जा सकेगा और गन्ना बकाये में कमी आएगी। गन्ना बकाया तेजी से बढ़ता जा रहा है।'

 

 

बढ़ाया प्रोडक्शन अनुमान

मार्केट एक्सपर्ट्स ने मौजूदा शुगर सीजन में चीनी प्रोडक्शन बढ़कर 2.95 करोड़ टन रहने का अनुमान जाहिर किया, जो पहले के 2.50-2.55 करोड़ टन के अनुमान से काफी ज्यादा है।

वहीं आल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने भी गुरुवार को आउटपुट के अनुमान को 2.64 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.9 करोड़ टन कर दिया था।

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