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बजट के पहले सरकार की बढ़ी मुसीबत, पेट्रोल 70.62 रु तो डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर

आम बजट से पहले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें मोदी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन गई हैं।

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नई दिल्ली. आम बजट से पहले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें मोदी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन गई हैं। दिल्ली में बुधवार को पेट्रोल 70.62 रुपए प्रति लीटर तो डीजल 60.81 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। डीजल की कीमतें दिल्ली में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के पीछे जहां इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों का बढ़ना है। वहीं, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम आदमी की जेब पर बोझ लगातार बढ़ रहा है। 

क्रूड 69 डॉलर के पार

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड 69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर 69.25 डॉलर पर पहुंच गया। यह क्रूड का भी 3 साल का रिकॉर्ड स्तर है। वहीं नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई क्रूड 63.5 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंचा। पिछले 6 माह की बात करें तो क्रूड में 54 फीसदी से ज्यादा तेजी आ चुकी है। जून में क्रूड 44.48 डॉलर के लेवल पर था। एनालिस्ट मान रहे हैं कि जल्द क्रूड 70 डालर पर पहुंच सकता है। 

 

पेट्रोल-डीजल फिर 3 अक्टूबर 2017 के स्तर पर
3 अक्टूबर की शुरूआत में महंगे हो रहे पेट्रोल-डीजल को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी थी। लेकिन 3 अक्टूबर के बाद से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड लगातार महंगा हुआ है। जिसकी वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतें वापस 3 अक्टूबर वाले स्तर पर आ गई हैं। 3 अक्टूबर 2017 को दिल्ली में पेट्रोल 70.88 रुपए प्रति लीटर के भाव पर था। वहीं, 10 जनवरी को पेट्रोल फिर 70.62 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह डीजल दिल्ली में 60.88 रुपए प्रति लीटर यानी अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। 

 

3 अक्टूबर को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड 55 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था जो 10 जनवरी 2018 को 69.25 डॉलर के लेवल पर पहुंच गया। इंटरनेशन मार्केट में क्रूड की कीमतें अपने 3 साल के टॉप लेवल पर है। वहीं, 3 अक्टूबर को इंडियन बास्केट में क्रूड 55.36 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था जो 29 दिसंबर को 64.52 डॉलर के भाव पर पहुंच गया। ऐसे में सरकार पर फिर ड्यूटी कम करने का दबाव है। 

 

 

कीमतें

3 अक्टूबर के बाद से कीमतें 

 
पेट्रोल  ड्यूटी घटने के बाद अब 
दिल्ली 68.38 70.62
कोलकाता 71.16 73.36
मुंबई 77.51  78.51
चेन्नई 70.85 73.21
 
 
डीजल ड्यूटी घटने के बाद अब 
दिल्ली 56.89 60.81
कोलकाता 59.55 63.47
मुंबई 60.43 64.67
चेन्नई 59.89 64.09

              

 

महंगाई बढ़ने का डर

क्रूड की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ने का भी डर होता है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड महंगा होने से इंडियन बास्केट में भी क्रूड महंगा हो जाता है। इससे तेज कंपनियों पर मार्जिन का दबाव भी बढ़ता है। तेल कंपनियां क्रूड की कीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी को कंज्यूमर्स पर पास ऑन कर सकती है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से महंगाई बढ़ने का भी डर होता है। हाल ही में फॉरेन ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने रिपोर्ट में कहा था कि अगर क्रूउ की कीमतें 10 फीसदी बढ़ती हैं तो सीपीआई इनफलेशन में 25 बेसिस प्वॉइंट की बढ़ोत्तरी हो सकती है। ऐसे में बजट के पहले सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। 

 

आगे, बढ़ सकता है करंट अकाउंट डेफिसिट 

 

बढ़ सकता है करंट अकाउंट डेफिसिट 

क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश का करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ सकता है। असल में भारत अपनी जरूरतों का 82 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल उसी रेश्‍यो में महंगा होगा, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट की स्थिति बिगड़ेगी। 

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