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प्याज के एक्सपोर्ट से हटी लिमिट, कीमतों में गिरावट के बाद सरकार का फैसला

 

मुंबई. प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के बाद सरकार ने इसके निर्यात पर लगी सीमा को हटा लिया है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अब एक्सपोर्टर बिना किसी सीमा के इसका एक्सपोर्ट कर सकेंगे। इसका फायदा किसानों को भी मिलेगा और उन्हें अपनी फसल की वाजिब कीमत मिल सकेगी। गौरतलब है कि राजनीतिक तौर पर संवेदनशील मानी जाने वाली प्याज की कीमतों में बीते एक महीने के दौरान तीसरी बार गिरावट दर्ज की गई।

 

कीमतें नीचे लाने के लिए एक्सपोर्ट पर लगाई थी लिमिट

दुनिया में प्याज के सबसे बड़े एक्सपोर्टर ने प्याज की कीमतों को नीचे लाने की कोशिशों के तहत प्याज के एक्सपोर्ट पर लिमिट लगा दी थी।

नवंबर में सरकार ने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) बढ़ाकर 850 डॉलर प्रति टन कर दिया था, हालांकि इसे बाद में घटाकर 700 डॉलर प्रति टन कर दिया गया था।

ट्रेडर्स ने कहा कि प्याज के एक्सपोर्ट से बड़ी मात्रा में इसका इंपोर्ट करने वाले देशों बांग्लादेश, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका में इसकी कीमतों में नरमी आ सकती है।

 

नहीं लेना होगा लेटर ऑफ क्रेडिट

डायरेक्टोरेट जनरल फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) एक बयान में कहा कि प्याज के एक्सपोर्ट के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट की आवश्यकता भी समाप्त कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे न केवल निर्यात कारोबारियों को फायदा मिलेगा, बल्कि किसानों को भी लाभ होगा। भारतीय प्याज एक्सपोर्टर्स को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्याज की बिक्री करने में आसानी होगी।

 

किसानों को भी मिलेगा फायदा

प्याज के निर्यात पर से न्यूनतम समर्थन मूल्य की सीमा हटाने से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और अगले साल इसका रकबा बढ़ने की उम्मीद बनेगी।

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