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किसानों को नहीं रुलाएगा प्याज, सरकार ने दोगुना किया एक्सपोर्ट इंसेंटिव

कैबिनेट ने इंटरेस्ट सब्सिडी 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने के फैसले पर लगाई मुहर

Govt doubles export incentive on onion to shore up prices, boost shipments

onion export incentive: फसल की उचित कीमत नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे प्याज किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। कैबिनेट ने मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) के तहत प्याज किसानों को इंटरेस्ट सब्सिडी 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने के फैसले पर मुहर लगा दी। इससे किसानों को घरेलू मार्केट में प्याज की अच्छी कीमत मिलेगी।

 

 

नई दिल्ली. फसल की उचित कीमत नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे प्याज किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। कैबिनेट ने मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) के तहत प्याज किसानों को इंटरेस्ट सब्सिडी 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने के फैसले पर मुहर लगा दी। इससे किसानों को घरेलू मार्केट में प्याज की अच्छी कीमत मिलेगी।

 

प्याज की कीमतों में आएगी स्थिरता

गौरतलब है कि नई फसल की आमद बढ़ने से प्याज की कीमतें खासी गिर गई हैं। इससे किसानों को अपनी फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही थी। हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने प्याज के निर्यात को प्रोत्साहन देने का फैसला किया है, जिससे घरेलू मार्केट में कीमतों में भी स्थिरता आएगी।

 

जुलाई में दिया था 5 फीसदी इंसेंटिव

सरकार ने कहा कि कैबिनेट ने एमईआईएस स्कीम के अंतर्गत प्याज पर एक्सपोर्ट इंसेंटिव दोगुना बढ़ाकर 5 फीसदी से 10 फीसदी करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। जुलाई, 2018 से पहले ताजी प्याज पर एक्सपोर्ट इंसेंटिव नहीं दिया जा रहा था। जुलाई, 2018 के दौरान 5 फीसदी के एक्सपोर्ट इंसेंटिव लागू किया गया। अब इस बढ़ोतरी के साथ प्याज पर एग्रो-एक्सपोर्ट इंसेंटिव सबसे ज्यादा हो गया है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस इंसेंटिव से किसानों को अपनी फसल की बेहतर कीमत पाने में मदद मिलेगी।

 

कॉमर्स मिनिस्टर ने किया था अनुरोध

इससे पहले कॉमर्स मिनिस्टर सुरेश प्रभु ने प्याज एक्सपोर्टर्स के लिए इंसेंटिंग दोगुना करने के लिए वित्त मंत्रालय से 179.16 करोड़ रुपए आवंटित करने का अनुरोध किया था।    वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखकर प्रभु ने कहा था कि उनका मंत्रालय एमईआईएस के तहत निर्यात पर इंसेंटिव बढ़ाकर 5 फीसदी से 10 फीसदी करना चाहता है। भारत से वस्तुओं की निर्यात योजना (एमईआईएस) के तहत सरकार देश और उत्पाद के आधार पर शुल्क से जुड़े लाभ देती है। प्रभु ने कहा, ‘इंसेंटिव बढ़ाने से निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है और घरेलू कीमतों को समर्थन देने के लिए इसकी जरूरत है।’

 

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