बिज़नेस न्यूज़ » Market » Commodity » Agriबासमती एक्सपोर्ट पहुंच सकता है 26 हजार Cr के पार, ईरान के दम पर मिला बूस्ट

बासमती एक्सपोर्ट पहुंच सकता है 26 हजार Cr के पार, ईरान के दम पर मिला बूस्ट

विशेष रूप से ईरान से डिमांड बढ़ने से भारत से बासमती का एक्सपोर्ट 20 फीसदी बढ़कर 26 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच सकता है।

1 of


मुंबई. विशेष रूप से ईरान से डिमांड बढ़ने से भारत से बासमती का एक्सपोर्ट 20 फीसदी बढ़कर 26 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच सकता है। इकरा ने मंगलवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान जताया कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बासमती एक्सपोर्ट 26 हजार करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2018-19 में यह 28 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एक्सपोर्ट वॉल्यूम लगभग स्थिर रहा है, जो काफी हद तक बीते कुछ वर्षों के अनुरूप ही है।


9 महीने में 22 फीसदी बढ़ा एक्सपोर्ट
मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान वैल्यू के लिहाज से 22 फीसदी की ग्रोथ के साथ बासमती एक्सपोर्ट में मजबूत रिवाइवल देखने को मिला है। हालांकि वित्त वर्ष 15 और 17 के बीच इसमें गिरावट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पहले 9 महीनों के दौरान 23 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ एवरेज 64,594 रुपए की प्रति टन के रेट पर सेल्स एक्सपोर्ट ग्रोथ को बूस्ट मिला, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 53,985 रुपए प्रति टन रहा था।’


सऊदी से घटा इंपोर्ट, ईरान से मिला सपोर्ट
सऊदी अरब और ईरान लंबे समय से भारत के बासमती चावल के बड़े इंपोर्टर रहे हैं, जिसकी कुल हिस्सेदारी 40-45 फीसदी के बीच रही है। हालांकि सऊदी अरब के शेयर में हाल के वर्षों में खासी गिरावट दर्ज की गई,जो वित्त वर्ष 18 में अभी तक 14 फीसदी रही है। लेकिन इसकी भरपाई ईरान से हो गई है, जिसका शेयर बढ़कर 28 फीसदी तक पहुंच चुका है।


ईरान ने कुछ महीनों के लिए लगाया था बैन
ईरान ने अगस्त 2017 के दौरान इंपोर्ट पर अस्थायी तौर पर बैन लगा दिया था, जिसे जनवरी 2018 में हटा लिया गया। हालांकि इस घटनाक्रम से मौजूदा वित्त वर्ष की पिछली तिमाही के दौरान इंडस्ट्री ग्रोथ को मदद मिली, वहीं ईरान पर निर्भरता में भी कमी आई।


अगले साल भी बढ़ सकती हैं कीमतें
धान की कीमतों की बात करें तो लगातार दूसरे साल यानी खरीद सीजन 2017 में इनमें 20-25 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, जिसकी वजह मानसून की कमजोरी से धान के रकबे में कमी रही। वहीं इंटरनेशनल मार्केट्स में बासमती की डिमांड बढ़ने से भी कीमतों को सपोर्ट मिला। धान कीमतों में बढ़ोत्तरी से वित्त वर्ष 19 में भी बासमती की कीमतों में तेजी रहने का अनुमान है।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट