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इस भारतीय राज्य ने हासिल किया नया मुकाम, बना दुनिया का पहला फुली ऑर्गेनिक स्टेट

अब दुनिया को सिख्सा रहा है ऑर्गेनिक खेती के तौर तरीके

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नई दिल्ली। देश का पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम दुनिया का पहला पूरी तरह से आॅर्गेनिक राज्य बन गया है। लंबे समय से यहां खेती व रोजगार को लेकर सस्टेनेबल नीतियों का पालन हो रहा था। हाल में संयुक्त राष्ट्र ने राज्य की इन कोशिशों को सम्मान देते हुए 'Oscar for the Best Policy’ अवॉर्ड से नवाजा। सिक्किम ने 25 देशों के 51 राज्यों को पछाड़कर यह सम्मान पाया। अब देश के अन्य राज्यों के अलावा दुनियाभर के देश भी सिक्किम से यह कला सीख रहे हैं। 

 

 

2015 में ही बन गया था ऑर्गेनिक राज्य

2003 से सिक्किम ने टिकाऊ यानी सस्टेनेबल बनने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। यहां पर ऊंचे नीचे मैदान और खेती के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते पारंपरिक तरीकों से खेती करना संभव नहीं हाे पा रहा था। ऐसे में सिक्किम सरकार ने ऑर्गेनिक पद्धति की ओर रुख किया। इसके तहत ऐसे जमीनों का भी इस्तेमाल किया गया जो अब तक बेकार पड़ी थीं। लगातार कोशिशों के बाद 2015 में यह राज्य पूरी तरह से ऑर्गेनिक बन गया।

 

 

यहां हाइब्रिड नहीं स्थानीय बीजों का होता है इस्तेमाल

सिक्किम में ऐसे कई बायो-विलेज हैं जहां खाद और बायो-पेस्टीसाइड बनाने के लिए माइक्रोऑर्गेनिज्म टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। यहां के खेतों में केंचुआ खाद और कंपोस्ट पिट में बनी खाद लगाई जाती है। खेतों में बोए जाने वाले बीज भी ऑर्गेनिक होते हैं। यहां पर हाइब्रिड बीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जो देश के अन्य भागों में इस्तेमाल होता है। यहां की 'Seed Village Scheme’ के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि खेतों में वहीं के हाई-क्वालिटी बीज बोए जा रहे हैं। यह बीज ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करें, इसके लिए समय-समय पर राज्य सरकार मिट्‌टी की गुणवत्ता जांचती रहती है।

 

आगे पढ़ें- लगातार कोशिशों से ऑर्गेनिक बना राज्य

 

 

 

लगातार कोशिशों से ऑर्गेनिक बना राज्य

राज्य ने यह उपलब्धि एक रात में हासिल नहीं की। इसका सबसे अहम पहलू रहा, लोगों को ऑर्गेनिक खेती के बारे में जागरूक करना। 2003 में सिक्किम ने इस दिशा में कदम बढ़ाने शुरू किए तो केमिकल कंपनियों और विपक्षी पार्टियों ने इसका खूब विरोध किया। लेकिन लगातार कोशिशों के दम पर सिक्किम ने यह मुकाम हासिल कर ही लिया। अब अन्य पूर्वोत्तर राज्य भी सिक्किम के कदमों पर चलते हुए सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ऑर्गेनिक खेती की ओर मुड़ रहे हैं।

 

आगे पढ़ें- इतने किसानों का हुआ फायदा 

 

 

66,000 से ज्यादा किसानों का हुआ फायदा

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन की डिप्टी डायरेक्टर मारिया हेलेना सेमेदाे के मुताबिक सिक्किम सरकार ने जो नई नीतियां बनाई उनकी वजह से यहां के 66,000 से भी ज्यादा किसानों को लाभ पहुंचा है। यहां सिर्फ खाद्य सुरक्षा पर ही ध्यान नहीं दिया जाताबल्कि राज्य की फूड पॉलिसीज पर्यटनबाजारघरेलू उपभोग और विकास जैसे सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए खेती के प्रति समग्र नजरिया लेकर चलते हैं।

 

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