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मिलावटी डिब्बाबंद दूध से बच्चों में बढ़ा कैंसर का खतरा

शिशुअों के मस्तिष्क, गुर्दे और लिवर पर भी होता है असर

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नई दिल्ली.

अधिकतर मांएं अपने बच्चों को बाजार का डिब्बाबंद दूध पिलाती हैं, जिनके बारे में दावा किया जाता है कि वे बच्चों के विकास में सहायक हैं। अब उन्हीं डिब्बाबंद दूध के ब्रांड्स के बारे में चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। डॉक्टरों का कहना है कि डिब्बाबंद दूध के चलते बच्चों काे 'डेवलपमेंट डिसऑर्डर’ होने का खतरा रहता है।

 

डिब्बाबंद दूध भी नहीं है सुरक्षित

आईएएनएस की खबर के मुताबिक डॉक्टरों के मुताबिक नवजात या कम उम्र के बच्चों के लिए मिलावटी या पैकेट में बंद दूध बहुत नुकसानदायक है। बच्चों का शरीर प्रीमैच्योर होता है और मिलावट का उनके शरीर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। खासतौर से उनके मस्तिष्क, गुर्दे और लिवर पर इसका असर होता है। मिलावटी दूध के चलते बच्चों के इन अंगों के विकास में बाधा आ सकती है।

 

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इन चीजों की हाेती है मिलावट

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अध्ययन में सामने आया कि देश में जो दूध बिकता है उसमें से 10 फीसदी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसमें यूरियावनस्पति तेलग्लूकोज व अमोनियम सल्फेट मिलाया जाता है जिससे इसकी मात्रा अधिक दिखे। इसके अलावा दूध में एंटीबायोटिक्सकीटनाशक आैर एफ्लाटॉक्सिन एमरसायन की मिलावट भी की जाती है। इन चीजों से दूध में बैक्टीरिया समेत कई तरह के कीटाणु पनपने लगते हैं। बैक्टीरियल कंटैमिनेशन वाला दूध पीने से लोगों को फूड पॉइजनिंगपेट दर्दआंतों की सूजन जैसे इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।

 

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कैंसर होने का खतरा

मिलावटी दूध में ऐसे केमिकल्स की भी मिलावट की जाती है जो कार्सिनोजेनिक हो सकते हैंयानी जिनसे कैंसर होने की संभावना हो सकती है। अगर लगातार 10 साल तक ऐसे दूध का सेवन किया जाए तो कैंसर जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं।

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