यहां ग्राहक उगवाते हैं अपनी पसंद की सब्जी, किसानों की आमदनी तीन गुना से ज्यादा

Organic Farming Company people growing their favorite vegetables खेती को लेकर लोगों का रुझान धीरे-धीरे कम होने लगा है। ऐसे में 37 साल की गीतांजलि राजामणि ऐसी महिला है, जो अलग-अलग तरीकों से खेती करती हैं और अपनी आमदनी बढ़ा रही है। गीतांजलि मूल रूप से बेंगलुरू की रहने वाली है। गीतांजलि ने 2017 में दो दोस्तों के साथ मिलकर स्टार्टअप कंपनी फार्मिजन शुरू की थी। इनकी कंपनी बेंगलुरू, हैदराबाद और सूरत में काम कर रही है। एक तरफ यह किसानों से बराबरी की पार्टनरशिप कर उनसे जैविक खेती करवाती हैं।

Money Bhaskar

Apr 08,2019 04:06:00 PM IST

नई दिल्ली। खेती को लेकर लोगों का रुझान धीरे-धीरे कम होने लगा है। ऐसे में 37 साल की गीतांजलि राजामणि ऐसी महिला है, जो अलग-अलग तरीकों से खेती करती हैं और अपनी आमदनी बढ़ा रही है। गीतांजलि मूल रूप से बेंगलुरू की रहने वाली है। गीतांजलि ने 2017 में दो दोस्तों के साथ मिलकर स्टार्टअप कंपनी फार्मिजन शुरू की थी। इनकी कंपनी बेंगलुरू, हैदराबाद और सूरत में काम कर रही है। एक तरफ यह किसानों से बराबरी की पार्टनरशिप कर उनसे जैविक खेती करवाती हैं। दूसरी तरफ उनके खेत को 600-600 वर्गफुट के आकार में बांटकर ग्राहकों को 2500 रुपए प्रति माह की दर पर किराए पर देती है। ग्राहक मोबाइल एप से चुने प्लॉट में पसंद की सब्जियां लगवाते हैं।

इसके ग्राहकों की संख्या 3000 के आंकड़े को पार कर गई है


सब्जियां तैयार होने पर फार्मिजन का वाहन ग्राहकों के घर तक पहुंचा देता है। इससे दो फायदे हो रहे हैं। पहला, ग्राहकों को 100% ऑर्गेनिक सब्जियां घर बैठे मिल रही हैं। दूसरा, किसानों की कमाई तीन गुना बढ़ गई है। तीन महीने पहले ही फार्मिजन ने जैविक फलों की डिलीवरी भी शुरू की है। इसके ग्राहकों की संख्या 3000 के आंकड़े को पार कर गई है। इसका सालाना टर्नओवर 8.40 करोड़ रुपए का है। गोल्डमैन साक्स और फॉर्च्यून ने पिछले साल अक्टूबर में गीतांजलि को ग्लोबल वुमन लीडर से नवाजा है। गीतांजलि ने 2014 में टीसीएस की जॉब छोड़ दी। कुछ अपना काम करने निर्णय लिया। प्लांटिंग-गार्डनिंग का शौक था। 2014 में ग्रीन माई लाइफ नाम की कंपनी शुरू की। यह रूफ टॉप गार्डनिंग, टैरेस गार्डनिंग डिजाइनिंग काम करती है। इसका सालाना टर्नओवर 6 करोड़ रुपए का है।

किसानों-ग्राहकों को मनाना बड़ी चुनौती थी

हमें एक अनुभवी किसान नारायण रेड्डी मिले जिनका खेत उर्वरकों और कीटनाशकों के इस्तेमाल से खराब हो रहा था। वे हमारे साथ काम करने को राजी हो गए। हमने ग्राहकों से कहा, बाजार में जो गोभी मिलती उन्हें ब्लीच कर सफेद किया जाता है। यह सही नहीं है। आप जैविक सब्जियां खाएं जिनमें कीट लगे हों। यदि जैविक गोभी कीड़ों के लिए सेफ है तो यह आपके लिए भी सेफ है। आप इसे खा सकते हैं। इसके बाद वे राजी होने लगे।

फार्मिजन का बिजनेस मॉडल ओला-उबर की तरह


फार्मिजन किसानों के साथ बराबरी की साझेदारी करता है। किसानों को जैविक खेती पर सलाह देता है। बीज-रोपे मुहैया कराता हं। छिड़काव के लिए नीम का तेल, अरंडी का तेल आदि मुहैया कराता है। किसान सब्जियां उगाते हैं। स्टार्टअप उपज की मार्केटिंग करता है। 600 वर्गफुट के लिए मिलने वाला 2,500 रु. मासिक किराया फार्मिजन और किसान आधा-आधा बांटते हैं।

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