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शुगर इंडस्‍ट्री को राहत देने के लि‍ए 8000 करोड़ का पैकेज मंजूर, कैबि‍नेट का फैसला

गन्‍ना कि‍सानों को बकाया भुगतान के लि‍ए केंद्र सरकार करीब 8000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दे दी है।

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नई दि‍ल्‍ली। गन्‍ना कि‍सानों को बकाया भुगतान के लि‍ए केंद्र सरकार करीब 8000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दे दी है। बुधवार को कैबि‍नेट की बैठक में इसका फैसला लि‍या गया। इसके अलावा चीनी का 30 लाख टन का बफर स्‍टॉक बनाने, चीनी मि‍लों की इथनॉल प्रोडक्‍शन की क्षमता को बढ़ाने और इथनॉल की खरीद कीमत में 6 से 7 रुपए का इजाफा करने का फैसला भी  लि‍या गया है।

 

देश के गन्‍ना कि‍सानों का चीनी मि‍लों पर करीब 22000 करोड़ रुपए बकाया अटका हुआ है। इसके अलावा देशभर में 'गांव बंद' आंदोलन भी चल रहा है, जि‍समें कि‍सानों ने शहरों को फल-सब्‍जी और दूध की सप्‍लाई आंशि‍क रूप से रोक दी है।

 

इन सब तथ्‍यों को देखते हुए सरकार ने फि‍लहाल गन्‍ना कि‍सानों को राहत देने का फैसला लि‍या है। यह पैकेज गन्‍ने पर 5.50 पैसे प्रति क्‍विंटल की वि‍त्‍तीय मदद के अलावा होगा। इसकी घोषणा चंद सप्‍ताह पहले सरकार ने की थी, जि‍ससे सरकार पर करीब 15 अरब रुपए का बोझ़ पड़ेगा। 


कि‍सानों को मि‍लेगी राहत 
ऑल इंडि‍या शुगर ट्रेड एसोसिएशन के चेयरमैन प्रफुल्‍ल विठलानी ने कहा कि‍ इन फैसलों से आखि‍र में देश के गन्‍ना कि‍सानों को फायदा पहुंचेगा। चीनी मि‍लों के पास कि‍सानों का बकाया चुकाने के लि‍ए पैसा नहीं है। विठलानी ने सरकार के इन फैसलों का स्‍वागत कि‍या है और कहा है कि‍ इससे कठि‍न दौर से गुजर रही शुगर इंडस्‍ट्री को बड़ी राहत मि‍लेगी। 

 

 

ये स्‍थाई समाधान नहीं
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि बेल आउट पैकेज गन्ना किसानों की समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। पूर्व में भी इस तरह के पैकेज दिये जाते रहे हैं। यूपीए सरकार द्वारा 6000 करोड़ रुपये व राजग द्वारा भी 1500 करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया था, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यह चुनावी शिगूफा है। 

 

इथनॉल के लि‍ए 4500 करोड़ रुपए मंजूर 

 

इथनॉल की उत्‍पादन क्षमता को बढ़ाने के लि‍ए 4500 करोड़ रुपए मंजूर कि‍ए गए हैं। इथनॉल के खरीद मूल्‍य में 6 से 7 रुपए की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है, जो अभी 40.85 रुपए प्रति लीटर है ताकि चीनी मि‍लें जल्‍द से जल्‍द गन्‍ना कि‍सानों को पेमेंट कर सकें।  आगे पढ़ें 

 

एक्‍स मि‍ल प्राइज 29 रुपए होगा 
बफर स्‍टॉक बनाने के अलावा सरकार चीनी का एक्‍स मि‍ल प्राइज कम से कम 29 रुपए तय कि‍या गया है। इसके अलावा हर मि‍ल के लि‍ए मासि‍क रि‍लीज कोटा भी तय कि‍या जा सकता है। अभी चीनी का औसत एक्‍स मि‍ल प्राइज 25.60 रुपए से लेकर 26.22 रुपए है, जो कि लागत से भी कम है। चीनी के बंपर उत्‍पादन को देखते हुए सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को 100 फीसदी और एक्‍सपोर्ट ड्यूटी को पूरी तरह से खत्‍म कर दि‍या था। सरकार ने चीनी मि‍लों से करीब 20 लाख टन चीनी का नि‍र्यात करने को भी कहा था। 


इंडि‍यन शुगर मि‍ल्‍स एसोसि‍एशन के मुताबि‍क, 30 अप्रैल 2018 तक देश में 310.37 लाख टन चीनी का उत्‍पादन को चुका था। वर्ष 2016-17 मार्केटिंग सीजन में कुल 203 लाख टन चीनी का उत्‍पादन हुआ था। देश में चीनी की खपत करीब 250 लाख टन है। 

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