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माइक्रो इरीगेशन के लिए 5000 करोड़ के फंड को मंजूरी, इस वित्‍त वर्ष खर्च होंगे 2000 करोड़

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने नाबार्ड के साथ मिल माइक्रो इरीगेशन फंड (MIF) के लिए 5000 करोड़ रुपए को मंजूरी दे दी

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नई दिल्‍ली. देश में सिंचाई नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ा दिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने नाबार्ड के साथ मिल माइक्रो इरीगेशन फंड (MIF) के लिए 5000 करोड़ रुपए की राशि को मंजूरी दे दी। MIF को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत विकसित किया जा रहा है। 

 

मंजूर की गई राशि के तहत 2000 करोड़ रुपए को वित्‍त वर्ष 2018-19 और बाकी के 3000 रुपए को वित्‍त वर्ष 2019-20 के तहत इस्‍तेमाल में लाया जाएगा। इस बीच नाबार्ड राज्‍य सरकारों को लोन देगा। इसे चुकाने के लिए अवधि 7 साल होगी, जिसमें 2 साल का ग्रेस पीरियड शामिल होगा। MIF के तहत दिए जाने वाले कर्ज के लिए दर 3 फीसदी प्रस्‍तावित की गई है। यह नाबार्ड द्वारा राशि जुटाने की लागत से कम है। 

 

MIF प्रभावशाली तरीके से और समय पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप कंपोनेंट (PDMC) के प्रयासों में वृद्धि करेगा। यह फंड राज्‍यों को उनकी पहलों के लिए रिसोर्सेज के इस्‍तेमाल की सुविधा देगा। इसमें PMKSY-PDMC के इंप्‍लीमेंटेशन में एडिशन टॉप अप सब्सिडी भी शामिल है। 

 

कौन कर सकेगा फंड का इस्‍तेमाल 

राज्‍य इनोवेटिव इंटीग्रेटेड प्रोजेक्‍ट्स के लिए MIF को एक्‍सेस कर सकेंगे। इनमें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के प्रोजेक्‍ट भी शामिल हैं। इसके अलावा PMKSY-PDMC के दिशा-निर्देश के तहत उपलब्‍ध एडिशनल टॉप अप सब्सिडी के जरिए सूक्ष्‍म सिंचाई को इंसेंटिव भी दे सकेंगे। किसान उत्‍पादक संगठन (एफपीओ)/को-ऑपरेटिव्‍स/ राज्‍य स्‍तर की एजेंसियां भी राज्‍य सरकार की गांरटी या उसके समकक्ष कोलेट्रल के साथ इस फंड को एक्‍सेस कर सकेंगे। किसान को-ऑपरेटिव्‍स इस फंड को इनोवेटिव क्‍लस्‍टर बेस्‍ड कम्‍युनिटी इरीगेशन प्रोजेक्‍ट्स के लिए इस्‍तेमाल कर सकेंगे। 



सलाहकार समिति भी की गई है गठित 

नीति संबंधी निर्देश प्रदान करने और प्रभावी योजना, समन्‍वय और निगरानी सु‍निश्चित करने के लिए एक सलाहकार समिति बनाई गई है। साथ ही राज्‍य सरकारों के प्रोजेक्‍ट्स/प्रस्‍तावों की जांच और मंजूरी (कुल लागत, राज्‍य के लिए उचित ऋण राशि और चरण), समन्‍वय और निगरानी के लिए स्‍थायी समिति भी है। ऐसा इसलिए ताकि मंजूर की गई लागत के भीतर सहायता परियोजनाओं/प्रस्‍तावों को एक निश्चित समय के भीतर कार्यान्वित किया जा सके।

 
सूक्ष्‍म सिंचाई के अंतर्गत 6.95 करोड़ हेक्‍टेयर एरिया का अनुमान 

माइक्रो इरीगेशन पर टास्‍क फोर्स ने सूक्ष्‍म सिंचाई के अंतर्गत 6.95 करोड़ हेक्‍टेयर की संभावना का अनुमान लगाया है। अब तक इसके तहत कवर एरिया केवल करीब 1 करोड़ हेक्‍टेयर (14 प्रतिशत) है। इसके अलावा ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज, 2017 ने अगले पांच वर्ष में सूक्ष्‍म सिंचाई के अंतर्गत 1 करोड़ हेक्‍टेयर एरिया के लक्ष्‍य पर जोर दिया है, जिसके लिए कार्यान्‍वयन की गति की वर्तमान तुलना में करीब 1 करोड़ हेक्‍टेयर की अतिरिक्‍त वार्षिक कवरेज़ की जरूरत होगी। 



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