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वाजपेयी ने एक बार जो सुना किसान क्रेडिट कार्ड का आइडिया, तुरंत कह दिया था 'OK'

जैविक खेती को पहली बार बढ़ावा पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने ही दिया

Atal Bihari Vajpayee granted Kisan Credit Card proposal

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष नरेश सिरोही ने बताया कि किसानों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी काफी संवेदनशील थे। उन्होंने बताया कि वाजपेयी के कार्यकाल में वह और हुक्मदेव नारायण सिंह किसान क्रेडिट कार्ड के आइडिया को लेकर वाजपेयी के पास गए। तब हुक्मदेव नारायण किसान मोर्चा के अध्यक्ष थे। सिरोही के मुताबिक, उन लोगों ने वाजपेयी को बताया कि किसानों के पास नकदी की कमी होती है। इस कारण उनके पास खरीदारी के विकल्प कम होते हैं और उन्हें गांव के दुकानदारों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में, किसानों की जमीन की हैसियत के मुताबिक अगर उन्हें क्रेडिट कार्ड दे दिया जाए तो किसान शहर में जाकर अपने मुताबिक खरीदारी कर पाएंगे। सिरोही ने बताया कि वाजपेयी ने इस आइडिया को सुनते ही ओके कर दिया। 


किसान चैनल भी वाजपेयी की देन 

सिरोही ने बताया कि किसानों को लेकर टेलीविजन चैनल की शुरुआत भी वाजपेयी की देन है। उन्होंने याद करते हुए बताया कि कैसे किसान मोर्चा की तरफ से किसान चैनल आरंभ करने का पूरा प्रस्ताव वाजपेयी को दिया गया था और उन्होंने 7 रेस कोर्स रोड से ही किसान चैनल की शुरुआत की थी। हालांकि बाद में कांग्रेस की सरकार आने पर इस चैनल को बंद कर दिया गया।

 

 

जैविक खेती को पहली बार बढ़ावा वाजपेयी ने दिया

जैविक खेती के लिए अलग से नीति पहली बार वाजपेयी सरकार के जमाने में बनाई गई। सिरोही ने बताया कि उस समय अजीत सिंह कृषि मंत्री थे और सोमपाल शास्त्री योजना आयोग में थे। शास्त्री जी ने जैविक खेती के लिए अलग से नीति का विरोध किया। सिरोही ने बताया कि फिर अजीत सिंह के कहने पर किसान मोर्चा के लोगों ने जैविक खेती की नीति के लिए सुदर्शन से कहा और उन्होंने वाजपेयी से। फिर जैविक खेती के लिए नीति बनी।

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