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विदेश में काम आता है स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस, पढ़ाई के नुकसान की भी करता है भरपाई

स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस उन छात्रों की मदद करता है, जो उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं।

Student Travel Insurance works on abroad Lack of studies also compensate
 

नई दिल्ली. स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस उन छात्रों की मदद करता है, जो उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं। पढ़ाई के अलावा अतिरिक्त खर्च बचाने में यह विकल्प खासा उपयोगी साबित होता है। क्‍योंकि‍ विदेश यात्रा में कई रिस्क भी होते हैं, जैसे अचानक बीमार होना। ऐसे में अगर आपको हॉस्‍पि‍टल में एडमि‍ट होना पड़ गया तो आपकी पढ़ाई का सारा पैसा बीमारी पर खर्च हो सकता है। यह परेशानी तब और बढ़ जाती है जब आप पढ़ाई के लि‍ए लोन लेकर या फि‍र स्‍कॉलरशि‍प पर गए हों। ऐसे में पढ़ाई के महंगे खर्च और किसी भी प्रकार के संभावित नुकसान से राहत पाने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।  

 

भारत में अधिकतर जनरल इंश्योरेंस कंपनियां विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस की सुविधा मुहैया करवाती हैं। इस तरह की पॉलिसी भारतीय छात्रों को मेडिकल व नॉन मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज देती है। विदेशों में उपलब्ध मेडिकल इंश्योरेंस की तुलना में इसमें काफी कम लागत आती है। इसमें दुर्घटनाएं और इमरजेंसी भी कवर होती है। ऐसे में यह इंश्योरेंस आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

 

कौन ले सकता है स्‍टूडेंट ट्रैवल इंश्‍योरेंस?

 

- आम तौर पर कोई भी व्यक्ति जि‍सकी उम्र 16 से 35 साल के बीच है, वह इस पॉलि‍सी को ले सकता है।

- इसके लि‍ए जरूरी है कि‍ कोई छात्र या छात्रा उच्च शिक्षा के लि‍ए एक रजि‍स्‍टर्ड इंस्‍टीट्यट में एडमि‍शन ले।

- कोई भी छात्र एक बार में केवल एक ही पॉलि‍सी ले सकता है।

 

ट्रैवल इंश्‍योरेंस का क्‍या है फायदा

 

- बीमा कराने वाले स्‍टूडेंट की बीमारी में यह इंश्‍योरेंस खर्चों को कवर करता है।

 

- बीमित व्यक्ति की अगर अचानक मौत हो जाए तो बीमा कंपनी मृतक के शव को देश में वापस लाने का खर्च भी उठाती है।

 

- वि‍देश में कि‍सी तरह का एक्‍सि‍डेंट होने पर आपको इंश्‍योरेंस का कवर एक्‍स्‍ट्रा खर्चों से बचा लेता है।

 

- विदेश में अगर कोई दुर्घटना हो जाए जि‍समें बीमि‍त व्‍यक्‍ित की मृत्‍यु हो जाए या फि‍र वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाए तो बामी कंपनी की ओर से मुआवजा मि‍लता है।

 

- ट्रैवल इंश्योरेंस में यात्रा के दौरान सामान खोने, पासपोर्ट खोने, फ्लाइट कैंसिल होने पर भी क्‍लेम देती हैं। कुछ इंश्योरेंस कंपनियां अन्य पर्सनल दस्तावेज खोने पर भी कवर करती है।

 

- अगर बीमि‍त स्‍टूडेंट वि‍देश में 7 दि‍न से ज्‍यादा हॉस्‍पि‍टल में रहता है, तो इंश्‍योरेंस के तहत उसकी फैमि‍ली को एक तरफ की हवाई टि‍कट भी मुहैया कराई जाती है।

 

- मेडि‍कल इमरजेंसी के चलते अगर स्‍टूडेंट की पढ़ाई छूट जाती है, तो इंश्‍योरेंस के जरि‍ए फीस भी क्‍लेम के तहत दी जाती है।

 

- अगर वि‍देश गया छात्र को कि‍सी कारण पुलि‍स अरेस्‍ट कर लेती है और जमानत हो सकती है तो बीमा कंपनी की ओर से इसे क्‍लेम में शामि‍ल कि‍या गया है।

 

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