Home » Insurance » Motor InsuranceTelematics set to transform motor insurance industry

व्‍हीकल को एक्‍सीडेंट से बचाएगा टेलीमैटिक्‍स, बीमा कंपनियां दे रही हैं इनोवेटिव सॉल्‍यूशन

मानसून दस्‍तक देने की तैयारी में है। इस मौसम में अंधेरे के साथ आंधी और तूफान भी देखने को मिलेगा।

1 of

नई दिल्‍ली... मानसून दस्‍तक देने की तैयारी में है। इस मौसम में अंधेरे के साथ आंधी और तूफान भी देखने को मिलेगा। ऐसे मौसम में सड़क हादसों की संख्‍या बढ़ने की आशंका बनी रहती है।  बजाज एलियांज जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी के चीफ बिजनेस हैड मनोहर भट्ट बताते हैं कि आमतौर पर गीली सड़क और गड्डे होने की वजह से ऐसे मौसम में बड़े हादसे होते हैं। वहीं बारिश की वजह से मोटर पार्ट्स में पानी घुस जाने की वजह से भी व्‍हीकल को नुकसान पहुंचता है। वैसे तो अधिकतर व्‍हीकल्‍स,  इंश्‍योरेंस कवर होते हैं तो नुकसान की भरपाई हो जाती है ।  

 

70% केस 20 हजार रुपए से नीचे 


बजाज आलियांज जनरन इन्‍श्‍योरेंस के चीफ बिजनेस हेड, मोटर मनोहर भट्ट ने moneybhaskar.com को बताया कि मानसून के महीनों के दौरान इंश्‍योरेंस क्‍लेम का ग्राफ बढ़ जाता है। लगभग 70% केस में ऐसा होता है कि 20 हजार रुपए से कम का क्‍लेम होता है। यह कार की लागत की तुलना में कम राशि होता है। लेकिन इस क्‍लेम को हासिल करने में कस्‍टमर्स को कई परेशानियां होती हैं। तमाम टेक्‍नोलॉजी होने के बाद भी काफी समय लग जाता है।  


एसेस्‍मेंट टूल पेश किए गए 

 

मनोहर भट्ट बताते हैं कि ऐसे क्‍लेम के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करने के लिए, इंश्‍योरेंस कंपनियों ने अब एसेस्‍मेंट टूल पेश कर रही हैं। यह मोबाइल ऐप द्वारा सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके माध्यम से डैमेज इंश्‍योर्ड व्‍हीकल की तस्‍वीर को दुर्घटना की जानकारी के साथ-साथ इंश्‍योरेंस  व्यक्ति की पॉलिसी और बैंक डिटेल के साथ अपलोड किया जा सकता है। 

 

कुछ ही मिनटों में राशि 

 

सारी डिटेल साझा करने के कुछ देर बाद  इंश्‍योरेंस कंपनियां नुकसान की समीक्षा करेगी और कस्‍टमर के साथ मुआवजे के डिटेल को साझा करेगी। यदि कस्‍टमर मुआवजे की राशि से सहमत होता है, तो उसे कुछ ही मिनटों में उसके खाते में जमा किया जाएगा।

 

 

हादसों से बचने के लिए टेलीमैटिक्स तकनीक 
मनोहर भट्ट बताते हैं कि ऐसे हादसों और व्‍हीकल को होने वाले नुकसान से बचने के लिए वैज्ञानिकों ने व्हीकल टेलीमैटिक्स तकनीक इजात की है।  इस खास तकनीक से सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक लगाम लग सकेगी। 

 

व्हीकल टेलीमैटिक्स तकनीक के बारे में 

 

इसमें वाहन की वास्तविक स्थिति की निगरानी रखी जा सकती है। जबकि जी.पी.एस के माध्यम से वाहन की लोकेशन पता चल सकेगा। इसके अलावा स्पीड कन्ट्रोल के साथ गाड़ी में आ रही गड़बड़ियों पर निगरानी रखी जा सकती है। आगे पढ़ें - व्हीकल टेलीमैटिक्स के फायदे
 

व्हीकल टेलीमैटिक्स के फायदे


बढ़ती गाड़ी की रफ्तार पर रोक – अमूमन सड़क हादसों का मुख्य कारण ओवर स्पीडिंग होता है। इस खास तकनीक के चलते वाहन मालिक ड्राइवर पर चौबीस घंटे नजर रख पाएंगे तो वहीं ड्राइवर पर भी मालिक की निगरानी का डर बना रहेगा।

 

व्यक्तिगत फायदा – इस तकनीक के मुख्य फायदों में से एक फायदा ये भी है कि आपकी गाड़ी चोरी नहीं होगी, अगर होगी भी तो आपकी गाड़ी को ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना होने पर आप इसमें लगी इमरजेंसी बटन का उपयोग कर सकते हैं जिससे आपको समय पर मदद मिल सकेगी।

 

ऑटोमैटिकली कॉलिंग – गाड़ी की भिड़ंत या दुर्घटना पर ऑटोमैटिकली इमरजेंसी नंबर डायल होगा और कॉल सेंटर को अपने आप इसकी जानकारी मिल जाएगी।

 

इमरजेंसी होने पर – गाड़ी का टायर फटने या तेल खत्म होने या अन्य किसी तरह की समस्याओं निपटने के लिए एक सहायता बटन इसमें उपलब्ध होता है यदी गाड़ी अपनी लोकेशन खो देती है तो जीपीएस के चलते गाड़ी को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा ।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=