बिज़नेस न्यूज़ » Insurance » Motor Insuranceकार और बाइक का नहीं करा पाएंगे इन्श्योरेंस, अगर नहीं होगा PUC सर्टिफिकेट, IRDAI का निर्देश

कार और बाइक का नहीं करा पाएंगे इन्श्योरेंस, अगर नहीं होगा PUC सर्टिफिकेट, IRDAI का निर्देश

अब आप कार, बाइक या दूसरा व्हीकल यूज करते हैं, तो बिना PUC सर्टिफिकेट के व्हीकल का इन्श्योरेंस नहीं करा पाएंगे।

Pollution certificate is the mandatory for vehicle insurance, what is PUC

 

नई दिल्ली. अगर आप कार, बाइक या दूसरा व्हीकल यूज करते हैं, तो बिना PUC सर्टिफिकेट के व्हीकल का इन्श्योरेंस नहीं करा पाएंगे।  यानी अगर आपके पास पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा तो कोई भी इन्श्योरेंस कंपनी आपके व्हीकल का इन्शोयरेंस रिन्युअल नहीं करेंगी। इस संबंध में बीमा नियामक IRDAI (इन्श्योरेंस रेग्युलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने सभी इन्श्योरेंस कंपनियों को 6 जुलाई को निर्देश जारी कर दिया है। कंपनियों को इसके लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन और ऑफलाइन रिन्युअल का सिस्टम तैयार करना होगा। IRDAI ने अगस्त, 2017 में आए ऑर्डर को देखते हुए ऐसा किया है। 

 

 

क्या है नया नियम

IRDAI द्वारा भेजे गए सर्कुलर के अनुसार अगस्त, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के ऑर्डर दिए थे। लेकिन अभी भी इसका पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए उसने कंपनियों को अब ऐसा सिस्टम डेवलप करने के लिए कहा है, जिसके तहत PUC सर्टिफिकेट के ऑर्डर को पूरी तरह से लागू किया जा सके। इस  संबंध में IRDAI ने इन्श्योरेंस कंपनियों से कहा है कि वह किसी भी हालत में PUC सर्टिफिकेट के बिना किसी व्हीकल का इन्श्योरेंस रिन्युअल नहीं करें।

 

 

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों के लिए होगा सिस्टम तैयार

एक जनरल इन्श्योरेंस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने moneybhaskar.com को बताया कि IRDAI के निर्देश के अनुसार अब कंपनियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन सिस्टम तैयार करना होगा। ऑफलाइन सिस्टम में तो यह निर्देश तुरंत लागू हो जाएंगे, जिसमें वाहन मालिक को इन्श्योरेंस रिन्यू कराते वक्त PUC सर्टिफिकेट दिखाना होगा। वहीं ऑनलाइन सिस्टम में वाहन मालिक को PUC सर्टिफिकेट को अपलोड करना होगा या उसकी डिटेल देनी होगी। इसके आधार पर पोर्टल पर इन्श्योरेंस रिन्युअल होगा।

 

 

क्या होता है PUC सर्टिफिकेट

बढ़ते पॉल्युशन को रोकने के लिए सभी वाहनों में पॉल्युशन लेवल तय मानकों के आधार पर होना चाहिए। इसके लिए पॉल्युशन सेंटर बनाए गए हैं, जहां पर वाहनों की चेकिंग कर PUC सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। ये सर्टिफिकेट राज्यों के आधार पर एक निश्चित समय के लिए वैध होते हैं। उसके बाद वाहन की दोबारा चेकिंग कराकर PUC सर्टिफिकेट लेना होता है। मसलन दिल्ली में PUC सर्टिफिकेट तीन महीने और उत्तर प्रदेश में 6 महीने के लिए वैध होता है।

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=