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कार इंश्‍योरेंस के बाद भी क्‍लेम देने से मना कर सकती है कंपनी, 4 गलतियां पढ़ती हैं भारी

car insurance लेने के बाद भी कुछ सावधानियां जरूरी हैं, नहीं तो क्‍लेम देने से मना कर सकती हैं कंपनियां।

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नई दिल्‍ली. कार और अन्‍य वाहनों का लोग इंश्‍योरेंस तो करा लेते हैं, लेकिन कुछ गलतियांं बीमा के अगेंस्‍ट क्‍लेम लेने में दिक्‍कतें पैदा करती हैं। कई बार कंपनियां कार चोरी होने और किसी भी तरह के डैमेज का क्‍लेम देने से इसलिए मना कर देती हैं, क्योंकि लोग इंश्योरेंस कराते समय अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं। हालांकि आम तौर पर चार गलतियों के बाद बीमा कंपनियां किसी भी तरह का क्‍लेम देने से मना करती हैं।

 
 

#बीमा किसी और के नाम होना

जब भी लोग किसी की पुरानी कार खरीदते हैं तो वाहन के कागजात अपने नाम पर करा लेते हैं, लेकिन आमतौर पर इंश्‍योरेंस कंपनी में इस बदलाव को दर्ज नहीं कराते हैं। बीमा कंपनियां को वाहन के नए रजिस्‍ट्रेशन के पेपर देते हुए लोगों को आग्रह करना पड़ता है। इसके बाद बीमा कंपनी इंश्‍योरेंस पेपर पर नाम बदल देती है। अगर यह प्रक्रिया पूरी की है तो बीमे का क्‍लेम मिलता है, नहीं तो कंपनियां किसी भी तरह का क्‍लेम देने से मना कर देती हैं।

 

आगे पढ़ें : जानें दूसरा कारण

  

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#इनवैैलिड ड्राइविंग लाइसेंस

जब आप कार खरीदते हैं या कार इंश्‍योरेंस लेते हैं तो उस वक्‍त आपसे ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में नहीं पूछा जाता है, लेकिन माना जाता है कि आपके पास वैैलिड ड्राइविंग लाइसेंस जरूर होगा। इसीलिए जब भी क्‍लेम की जरूरत पड़ती है तो बीमा कंपनियां सबसे पहले लाइसेंस मांगती हैं। अगर आपके पास वैैलिड ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो आपका क्‍लेम रद्द किया जा सकता है। अगर आप कहते हैं कि कार आपका ड्राइवर चला रहा था, तो उसके पास भी वैैलिड ड्राइविंग लाइसेंस होने चाहिए। अगर नहीं होगा तो आपका बीमा क्‍लेम रद किया जा सकता है।

 

 

#कार या वाहन का गलत इस्‍तेमाल

अगर कार आपने अपने निजी इस्‍तेमाल के लिए खरीदी है तो यह सुनिश्चित करें कि इसका कमर्शियल रूप से या किसी ऐसे काम में इस्‍तेमाल न हो जो निजी इस्‍तेमाल के दायरे से बाहर आता हो। अगर ऐसा होता है तो बीमा कंपनियां किसी भी तरह का क्‍लेम देने से मना कर सकती हैं। ऐसे क्‍लेम के वक्‍त बीमा कंपनियां एक सर्वे एजेंट को नियुक्‍त करती हैं। यह पूरी तरह से मामले की जांच करता है। इससे कुछ भी छिपाना आसान नहीं होता है। ऐसे में वाहन का गलत इस्‍तेमाल किया है तो पकड़ में आ जाता है।



 

आगे पढ़ें : जानें चौथा कारण

 

 

# ड्रिंक करके वाहन चलाना

अगर अल्‍कोहल या अन्‍य किसी भी प्रकार नशा करके वाहन चला रहे हैं, और एक्‍सीडेंट होता है तो बीमा कंपनी किसी भी प्रकार का क्‍लेम नहीं देगी। सभी बीमा पॉलिसी में यह बात साफ साफ बता दी जाती है।

 
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