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इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान खरीदने से पहले रखें इन बातों का ध्‍यान, बाद में नहीं आएगी कोई दिक्‍कत

लाइफ इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान काफी लम्‍बे समय के लिए होते हैं, इसलिए इनको लेते वक्‍त पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।

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नई दिल्‍ली. लाइफ इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान काफी लम्‍बे समय के लिए होते हैं, इसलिए इनको लेते वक्‍त पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसा न करने से इनको लेने का उद्देश्‍य ही बेकार हो सकता है। आमतौर पर लोगों की मृत्‍यु के वक्‍त उनके परिवार इससे आर्थिक सुरक्षा मिलती है, लेकिन अगर बीमा लेते वक्‍त एक भी चूक हो जाती है तो बाद में परिवार दिक्‍कत में आ सकता है।

 

सही पॉलिसी का चुनाव करें

इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी मुख्‍य रूप से तीन तरह की होती हैं। इसलिए लेने से पहले अपनी जरूरत समझें और फिर तय करें कि कौन सी पॉलिसी आपको लेनी चाहिए। एक होती है एंडोमेंट प्‍लान, ULIP और टर्म प्‍लान। जहां एंडोमेंट प्‍लान और ULIP प्‍लान में जीवन बीमा के साथ निवेश का फायदा मिल मिलता है, लेकिन टर्म प्‍लान में केवल बीमा सुरक्षा ही मिलती है। लेकिन यहां पर कम प्रीमियम में सबसे ज्‍यादा बीमा सुरक्षा का प्‍लान मिलता है, हालांकि इसकी कोई मैच्‍योरिटी वैल्‍यू नहीं होती है। अगर पहला बीमा ले रहे हैं तो जानकारों के अनुसार टर्म प्‍लान ही होना चाहिए।



 

पॉलिसी हरदम लम्‍बे समय के लिए ही लें

आजकल जीवन बीमा काफी कम अवधि के लिए भी उपलब्‍ध हैं। लेकिन जानकारों की सलाह है कि यह प्‍लान इतने समय के लिए जरूर लेना चाहिए कि आपकी काम करने की उम्र जरूर कवर हो। क्‍योंकि इस दौरान ही आपके ऊपर सबसे ज्‍यादा वित्‍तीय दबाव होता है। वैसे अगर थोड़ा ज्‍यादा उम्र के लिए भी बीमा प्‍लान लिया जाए यह काफी अच्‍छा होता है। इसके अलावा पहली पॉलिसी में अगर निवेशक अगर कुछ फीचर जोड़ सके तो उसे बाद में दूसरी पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं पड़ती है जिससे पैसों की बचत होती है। इन फीचर में दुर्घटना मृत्यु लाभ, गंभीर बीमारी सुरक्षा और आंशिक या स्थायी विकलांगता लाभ शामिल हैं।

 

क्‍लेम सेटलमेंट रेशियो जरूरी देखें

बीमा लेने से पहले उस कंपनी का क्‍लेम सेटलमेंट रेशियो जरूर देखना चाहिए। इससे पता चलता है कि वह कंपनी बीमा का क्‍लेम आने पर कैसे उसे निपटाती है। बीमा नियामक प्राधिकरण IRDA हर साल इसे जारी करता है। अगर यह रेशियो किसी कंपनी का अच्‍छा नहीं है तो उस कंपनी का बीमा प्रॉडक्‍ट लेने से बचना चाहिए।



 

पॉलिसी की शर्तों को पूरा पढ़ें

जीवन बीमा लेते वक्‍त आमतौर लोग उसका पूरा डिटेल नहीं पढ़ते हैं। कई बार यह काफी नुकसानदेह साबित होता है। इसमें बीमा प्‍लान से जुड़ी सारी शर्ते होती हैं, जिससे पता चलता है कि बीमा किन शर्तों पर दिया जा रहा है और किन हालात में इसका क्‍लेम नहीं दिया जाएगा। बीमा आमतौर पर परिवार की वित्‍तीय सुरक्षा को ध्‍यान में रख कर कराया जाता है, ऐसे में सही शर्तों के साथ ही बीमा लेना ठीक रहता है, नहीं तो बाद में परिवार दिक्‍कत में आ सकता है।

 

बीमा लेते वक्‍त दें सही सही जानकारी

सभी बीमा कंपनियों में एक शर्त कॉमन होती है कि बीमा लेते वक्‍त जानकारी सही सही दी जाए। ऐसा न होने से कई बार क्‍लेम मिलने में दिक्‍कत होती है। इन जानकारी में अपनी उम्र, स्‍मौकिंग की आदत, अगर कोई बीमारी है तो उसकी किस्‍ट्री, खानदानी बीमारी का रिकॉर्ड तो नहीं है, जैसी जानकारी सही सही देना चाहिए।


 

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