सबसे पहले लें टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान, सारी जरूरतें कर देता है पूरी

सबसे सस्‍ते होते हैं टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान सबसे सस्‍ते होते हैं टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान
कम प्रीमियम पर मिलता है ज्‍यादा बीमा कम प्रीमियम पर मिलता है ज्‍यादा बीमा

देश में अभी भी लोग बीमा तो करा लेते हैं, लेकिन उन्‍हें पता नहीं होता है कि उन्‍होंने क्‍या फीचर लिया है। इंश्‍योरेंस सेक्‍टर के जानकारों के अनुसार हर व्‍यक्ति को कम से कम एक टर्म प्‍लान जरूर लेना चाहिए। यह न सिर्फ सस्‍ते होते हैं, बल्कि इनमें बीमा राशि भी ज्‍यादा होती है। आजकल टर्म प्‍लान के साथ कई सारे फीचर भी आ रहे हैं, जिनसे यह टर्म प्‍लान काफी आकर्षक हो गए हैं। कुछ कंपनियों ने परिवार के सदस्‍यों की पढ़ाई के खर्च से लेकर लोन को पटाने तक के राइडर उपलब्‍ध कराए हैं।

moneybhaskar

Apr 20,2018 09:06:00 PM IST

नई दिल्‍ली। देश में अभी भी लोग बीमा तो करा लेते हैं, लेकिन उन्‍हें पता नहीं होता है कि उन्‍होंने क्‍या फीचर लिया है। इंश्‍योरेंस सेक्‍टर के जानकारों के अनुसार हर व्‍यक्ति को कम से कम एक टर्म प्‍लान जरूर लेना चाहिए। यह न सिर्फ सस्‍ते होते हैं, बल्कि इनमें बीमा राशि भी ज्‍यादा होती है। आजकल टर्म प्‍लान के साथ कई सारे फीचर भी आ रहे हैं, जिनसे यह टर्म प्‍लान काफी आकर्षक हो गए हैं। कुछ कंपनियों ने परिवार के सदस्‍यों की पढ़ाई के खर्च से लेकर लोन को चुकाने तक के राइडर उपलब्‍ध कराए हैं।

कम प्रीमियम में ज्‍यादा बीमा

टर्म प्‍लान में कम प्रीमियम पर बहुत ज्‍यादा राशि का बीमा मिलता है। अगर कोई हादसा होता है तो इस पैसे से परिवार को पूरी तरह से वित्‍तीय सुरक्षा मिल सकती है। अगर 18 साल का एक नॉन स्‍मोकिंग वाला व्‍यक्ति इस तरह का प्‍लान लेना चाहे तो वह हर माह 622 रुपए या 7287 हजार रुपए वार्षिक किस्‍त पर 1 करोड़ रुपए का प्‍लान ले सकता है। इस तरह के प्‍लान ढेर सारी कंपनियां दे रही हैं, लेकिन यहां पर उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का iProtect Smart प्‍लान लिया गया है। अन्‍य कंपनियों के प्‍लान प्रीमियम में मामूली अंतर के साथ उपलब्‍ध हैं।

इन प्‍लान की नहीं होती है मैच्‍योरिटी

इस तरह के टर्म प्‍लान में ट्रेडिशनली मैच्‍योरिटी का आप्‍शन नहीं होता है। हालांकि कुछ कंपनियों ने राइडर लगा कर इस सुविधा को देना शुरू किया है। लेकिन इस राइडर को लेने से इनका प्रीमियम कुछ बढ़ जाता है। यह प्‍लान काफी लम्‍बे समय के लिए होते हैं। जिससे व्‍यक्ति को पूरी तरह से जिंगदी भर बीमा सुरक्षा मिलती रहती है। इन प्‍लान को जितनी जल्‍द ले लिया जाए उतना ही अच्‍छा रहता है। एक तो इससे प्रीमियम काफी कम हो जाता है। इसके अलावा जिन्‍दगी में लम्‍बे समय तक बीमा कवर उपलब्‍ध रहता है।

इस तरह की पॉलिसी के कुछ फायदे

कम प्रीमियम : इस तरह के प्‍लान की कोई भी मैच्‍योरिटी वैल्‍यू नहीं होती है। यही कारण है कि यह काफी सस्‍ते होते हैं। जानकारों के अनुसार अगर कोई कम उम्र का व्‍यक्ति अपनी आमदनी का लगभग 1 फीसदी टर्म प्‍लान पर खर्च कर दे तो उसे अपनी जरूरत भर की बीमा सुरक्षा उपलब्‍ध हो सकता है।

पूरी वित्‍तीय सुरक्षा : ये प्‍लान परिवार को पूरी तरह से वित्‍तीय सुरक्षा देते हैं। अगर किसी कारण से बीमा लेने वाले की मृत्‍यु हो जाती है, तो इन प्‍लान से काफी पैसा मिलता है। इसीलिए सभी के पास कम से कम एक टर्म प्‍लान जरूर होना चाहिए।

टर्म प्‍लान लेने में कई सुविधाएं : यह प्‍लान लोगों की जरूरत के हिसाब से भी तैयार किए जा सकते हैं। कंपनियां प्‍लान लेने के पहले इनमें कई सुविधाओं की जानकारी देती हैं। यह प्‍लान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से लिए जा सकते हैं।

सबसे कम क्‍लेम रिजेक्‍शन : अगर किसी ने टर्म लेते वक्‍त इंश्‍योरेंस रेग्‍युुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी (IRDA) के नियमों के अनुसार सेहत, वित्‍तीय स्थिति, स्‍मौकिंग जैसी जरूरी जानकारियां सही-सही दी हैं तो इस तरह के प्‍लान में क्‍लेम रिजेक्‍शन नहीं के बराबर है। IRDA का एक नियम भी इन प्‍लान में सुरक्षा बढ़ा देता है। IRDA के अनुसार दो साल के बाद नॉन डिस्‍कोजर ऑफ फैक्‍ट के आधार पर क्‍लेम को रिजेक्‍ट नहीं किया जा सकता है।

सबसे कम कमीशन : इन प्‍लान की सबसे अच्‍छी बात है कि इनमें सबसे कम कमीशन होता है। बीधाधारक की हर किस्‍त में यह कमीशन लगता है। टर्म प्‍लान में आमतौर पर यह 5 फीसदी के आसपास होता है, जबकि अन्‍य बीमा प्‍लान में यह इससे काफी ज्‍यादा होता है। हालांकि अगर बीमा लेने वाला इंटरनेट का जानकार है, तो वह यह प्‍लान ऑन लाइन लेकर पूरा कमीशन बचा सकता है। इससे यह प्‍लान और सस्‍ते हो जाते हैं।

कई तरह के होते हैं राइडर

टर्म प्‍लान में अगर कोई भी नया फीचर जोड़ना हो तो राइडर को लेना होता है। इन राइडर में क्रिटिकल इलनेस, एक्‍सीडेंट से मृत्‍यु, डिसेबिल्‍टी जैसे राइडर उपलब्‍ध हैं। थोड़ा सा ज्‍यादा प्रीमियम देकर यह राइडर टर्म प्‍लान पॉलिसी में जोड़े जा सकते हैं।

एक्‍सपर्ट्स की राय

फ्यूचर जेनेरली इंडिया लाइफ के चीफ मार्केटिंग अफसर राकेश वाधवा के अनुसार टर्म प्‍लान लेने के पहले कंपनी के दावों को परखना चाहिए। सबसे अच्‍छा है कि पॉलिसी लेने पहले कंपनी की एक्‍यूजन पॉलिसी देखना चाहिए, जिसमें आमतौर पर एक साल तक आत्‍महत्‍या के दौरान बीमा क्‍लेम का क्‍लॉज होता है। इसके अलावा इनकॉटेंटबिल्‍टी क्‍लॉज पर ध्‍यान देना चाहिए। इस क्‍लॉज के तहत बीमा लेने के दो साल के भीतर क्‍लेम के बारे में जानकारी होती है। इन बातों को ध्‍यान में रख कर बीमा लेने से पूरी सुरक्षा प्रदान होती है।

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