बिज़नेस न्यूज़ » Insurance » Life Insuranceटर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान के साथ मिलता है क्रिटिकल इलनेस राइडर देना पड़ता एक्‍स्‍ट्रा प्रीमियम

टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान के साथ मिलता है क्रिटिकल इलनेस राइडर देना पड़ता एक्‍स्‍ट्रा प्रीमियम

इंश्‍योरेंस के साथ कई सारे ऐसे फीचर आते हैं, जिनके तहत गंभीर बीमारी को भी कवर किया जाता है।

1 of

 

 

नई दिल्‍ली. टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान के साथ ऐसे फीचर आते हैं, जिनके तहत गंभीर बीमारी को भी कवर किया जाता है। यह फीचर राइडर के रूप में मिलते हैं। अगर यह राइडर ले लिया जाए तो गंभीर बीमारी के वक्‍त इलाज के लिए जरूरत के वक्‍त पैसा मिल जाता है। इस बीमारी में कैंसर, हार्ट अटैक, आर्गन ट्रांसप्‍लंट, किडनी का इजाल जैसी बीमारिया कवर होती हैं।

 

इन राइडर के साथ होती हैं शर्तें

 

फ्यूचर जेनेरली लाइफ इंश्‍योरेंस के चीफ मार्केटिंग अफसर एंड ईवीपी, स्‍ट्रैटजी एंड रिटेल एश्‍योरेंस राकेश वाधवा के अनुसार इन क्रिटिकल राइडर के साथ कुछ शर्तें भी होती हैं। पहली होती है कि जिस पॉलिसी के साथ यह राइडर लिए जाते हैं उसका प्री‍मियम मूल पॉलिसी के प्रीमियम से ज्‍यादा नहीं हो सकता है। दूसरी शर्त है कि राइडर मूल पॉलिसी के सम एश्‍योर्ड से ज्‍यादा नहीं हो सकता है। पॉलिसी का प्रीमियम इन राइडर के चलते कई तरह से बदल सकता है, इसलिए जरूरी है कि राइडर कवर पॉलिसी को ध्‍यान से जान लेना चाहिए।

 

किसके लिए ज्‍यादा फायदेमंद हैं यह राइडर

क्रिटिकल इलनेस का राइडर उन लोगों के लिए ज्‍यादा फायदेमंद है, जो घर में अकेले कमाने वाले हों। अगर किसी समय ऐसे लोगों की आमदनी कम या खत्‍म हो जाती है और उस दौरान ऐसी गंभीर बीमारी घेर लेती है तो यह राइडर काफी फायदेमंद होते हैं। क्‍योंकि कुछ राइडर न सिर्फ बीमारी के वक्‍त इलाज के लिए पैसे देते हैं, बल्कि उस दौरान पॉकेट अलाउंस भी देते हैं। इसीलिए लोगों को क्रिटिकल इलनेस राइडर या व्‍यक्तिगत क्रिटिकल इलनेस प्‍लान जरूर लेना चाहिए।

 

हरदम सही पॉलिसी का चुनाव करें

 

राइडर हर पॉलिसी के साथ मिलता है, इसलिए राइडर नहीं सही पॉलिसी का चुनाव करना चाहिए। इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी मुख्‍य रूप से तीन तरह की होती हैं। इसलिए लेने से पहले अपनी जरूरत समझें और फिर तय करें कि कौन सी पॉलिसी आपको लेनी चाहिए। एक होती है एंडोमेंट प्‍लान, ULIP और टर्म प्‍लान। जहां एंडोमेंट प्‍लान और ULIP प्‍लान में जीवन बीमा के साथ निवेश का फायदा मिल मिलता है, लेकिन टर्म प्‍लान में केवल बीमा सुरक्षा ही मिलती है। लेकिन यहां पर कम प्रीमियम में सबसे ज्‍यादा बीमा सुरक्षा का प्‍लान मिलता है, हालांकि इसकी कोई मैच्‍योरिटी वैल्‍यू नहीं होती है। अगर पहली बार बीमा ले रहे हैं, तो जानकारों के अनुसार टर्म प्‍लान ही होना चाहिए।

 

 

यह भी पढ़ें : हर साल बढ़ती जाएगी 6.5 हजार रुपए की इनकम, LIC की है गारंटी

 

 

आगे पढ़ें : कितने समय के लिए लेना चाहिए बीमा पॉलिसी

 

 

 

जीवन बीमा लम्‍बे समय के लिए ही लेना चाहिए

आजकल जीवन बीमा काफी कम अवधि के लिए भी उपलब्‍ध हैं। लेकिन जानकारों की सलाह है कि यह प्‍लान इतने समय के लिए जरूर लेना चाहिए कि आपकी कमाने की उम्र जरूर कवर हो। क्‍योंकि इस दौरान ही आपके ऊपर सबसे ज्‍यादा वित्‍तीय दबाव होता है। वैसे अगर थोड़ा ज्‍यादा उम्र के लिए भी बीमा प्‍लान लिया जाए यह काफी अच्‍छा होता है।

 

 

पॉलिसी लेने के पहले देखें क्‍लेम सेटलमेंट रेशियो

बीमा लेने से पहले उस कंपनी का क्‍लेम सेटलमेंट रेशियो जरूर देखना चाहिए। इससे पता चलता है कि वह कंपनी बीमा का क्‍लेम आने पर कैसे उसे निपटाती है। बीमा नियामक प्राधिकरण IRDA हर साल इसे जारी करता है। अगर यह रेशियो किसी कंपनी का अच्‍छा नहीं है तो उस कंपनी का बीमा प्रॉडक्‍ट लेने से बचना चाहिए।

 

बीमा लेते वक्‍त दें सही सही जानकारी

सभी बीमा कंपनियों में एक शर्त कॉमन होती है कि बीमा लेते वक्‍त जानकारी सही सही दी जाए। ऐसा न होने से कई बार क्‍लेम मिलने में दिक्‍कत होती है। इन जानकारी में अपनी उम्र, स्‍मौकिंग की आदत, अगर कोई बीमारी है तो उसकी किस्‍ट्री, खानदानी बीमारी का रिकॉर्ड तो नहीं है, जैसी जानकारी सही सही देना चाहिए।

 

 

यह भी पढ़ें : 121 रु से LIC की इस स्कीम में करें शुरुआत, मिलेंगे 27 लाख

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=