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होम इन्‍श्‍योरेंस क्‍लेम फाइल करने का प्रॉसेस है आसान, इन बातों का रखे ध्‍यान

यह जानना जरूरी है कि जरूरत पड़ने पर होम इंश्‍योरेंस का क्‍लेम कैसे किया जाना चाहिए।

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नई दिल्‍ली। अगर आपने होम इश्‍योरेंस लिया हुआ है तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि जरूरत पड़ने पर होम इंश्‍योरेंस का क्‍लेम कैसे किया जाना चाहिए। वैसे तो होम इंश्‍योरेंस पॉलिसी का क्‍लेम सेटलमेंट प्रोसेस आसान नहीं है, लेकिन यदि आपने क्‍लेम करते वक्‍त कुछ बातों का ध्‍यान रखा है तो आपके लिए क्‍लेम सेटलेमेंट भी आसान हो जाएगा। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताएंगे, जिससे आपके लिए होम क्‍लेम लेना आसान हो जाए। 
सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, घर में हुए नुकसान का मूल्यांकन करें। यहां तक कि अगर कोई बड़ा नुकसान नहीं भी हुआ है, तब भी मूल्‍यांकन करना बेहद जरूरी है। 

 

अगर घर में चोरी हो गई है या डकैती पड़ गई है, तो तुरंत एफआईआर दर्ज करानी होगी। साथ ही, अपनी बीमा कंपनी से भी संपर्क करना चाहिए।

 

दूसरी सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसे हालात में, जब घर में नुकसान हो रहा हो तो फोटोग्राफ या वीडियोग्राफी के माध्यम से इसे रिकॉर्ड करना चाहिए। यानी कि घर की तस्वीरें लें या घर के हर हिस्से से घूमकर वीडियो पर रिकॉर्ड कर सकते हैं। साथ ही, घर के अंदर की उन वस्तुओं को टच न करें, जो क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। 

 

नुकसान का आकलन करते समय, आपको लेबर कॉस्‍ट, मैटेरियल और यहां तक कि घर के अंदर की वस्तुओं जो खो गई हैं या क्षतिग्रस्त हो गई हैं की कॉस्‍ट का भी आकलन करना चाहिए। साथ ही, उस कीमत को भी जोड़ें, जो आपके घर की मरम्‍मत के दौरान आपको खर्च करनी होगी। 

 

इस बात का भी ध्‍यान रखें कि नुकसान होने पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले अपने बीमा प्रोवाइडर से संपर्क करें।

 

आम तौर पर, कंपनियों की समय सीमा होती है जिसके अंतर्गत आपको दावे के लिए फाइल करना होगा। इसलिए क्‍लेम करते वक्‍त इस समय सीमा का अवश्‍य ख्‍याल रखें। 

 

आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अब और कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही, नुकसान के बाद आप किसी भी तरह का खर्चा करते हैं तो उसकी रसीदें अवश्‍य सहेज कर रखें और क्‍लेम के दौरान उन्‍हें जमा करा दें। 

 

एक बार जब आप बीमा कंपनी को नुकसान के बारे में जानकारी दे देते हैं, और जब क्‍लेम फॉर्म भरते हैं तो यह सुनिश्चित करें कि आप कुछ भी भूले नहीं हैं। पूरा विवरण भरें और भरे हुए फॉर्म को जल्द से जल्द भेजने की कोशिश करें ताकि क्‍लेम प्रोसेस शुरू हो सके। 

 

आपका क्‍लेम फॉर्म मिलने के बाद, बीमा कंपनी घर के नुकसान के निरीक्षण के लिए एक सर्वेयर भेजेगी। हालांकि बीमा कंपनी आपके दावे को अस्वीकार करने की बहुत कम संभावना है, लेकिन सर्वेयर की क्षति की रिपोर्ट भी काफी महत्‍व रखेगी। 


एक बार जब बीमा कंपनी ने क्‍लेम स्वीकार कर लिया है, तो प्रोसेस का अगला कदम घर की मरम्मत और क्षतिग्रस्त या खोए गए सामान की खरीददारी के लिए किए गए पेमेंट का सेटलमेंट होता है। क्‍लेम के सेटलमेंट के प्रोसेस के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए आपको होम इंश्‍योरेंस प्रोवाइडर से संपर्क करना चाहिए। 

 

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उदाहरण के लिए, होम इंश्‍योरेंस के लिए क्‍लेम सेटलमेंट के प्रोसेस में निम्नलिखित कदम शामिल हैं।
1. पॉलिसीधारकों को तुरंत अपने हेल्पलाइन नंबर (टोल फ्री) पर कॉल करके कंपनी को दावे के बारे में सूचित करना चाहिए।
2. कंपनी की सूचना के बाद, पॉलिसीधारक को न केवल अपनी पॉलिसी से संबंधित सभी जरूरी या प्रासंगिक जानकारी प्रदान करनी चाहिए, बल्कि इसके कारण होने वाले नुकसान के बारे में विवरण भी देना चाहिए। 
3. एक बार कंपनी ने दावा अनुरोध को सत्यापित और पंजीकृत कर लिया है, तो बीमा कंपनी अगले 48 घंटों के भीतर एक सर्वेक्षक को नियुक्त और भेज देगी।
4. सर्वेक्षक की रिपोर्ट के बाद, आपको सर्वेक्षक को सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा। एक बार जब सर्वेक्षक ने क्षति का निरीक्षण किया है, तो वे अंतिम सर्वेक्षण रिपोर्ट (एफएसआर) तैयार करेंगे और 7 दिनों के भीतर कंपनी को आवश्यक दस्तावेज जमा करेंगे। 

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