बिज़नेस न्यूज़ » Insurance » Health Insurance20 फीसदी तक बढ़ गया है आपका हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम तो कंपनी से करें बात

20 फीसदी तक बढ़ गया है आपका हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम तो कंपनी से करें बात

हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान एक साल के लिए होता है। इसके बाद आपको प्रीमियम का भुगतान कर इस प्‍लान का रीन्‍यूवल कराना होता

1 of

नई दिल्‍ली। हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान एक साल के लिए होता है। इसके बाद आपको प्रीमियम का भुगतान कर इस प्‍लान का रिन्‍यूअल कराना होता है। अगर रिन्‍यूअल कराने के समय आपको पता चले कि आपकी पॉलिसी का प्रीमियम 15 से 30 फीसदी तक बढ़ गया है तो आपको इससे झटका लग सकता है। लेकिन इसके लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है अगर आपको लगता है कि आपकी पॉलिसी का प्रीमियम ज्‍यादा बढ़ गया है तो आपको इस बारे में कंपनी के प्रतिनिधि से बात करनी चाहिए। 

 

बीमा इंडस्‍ट्री से जुड़े एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम कई वजहों से बढ़ सकता है। हालांकि यह पूरी तरह से पारदर्शी सिस्‍टम के तहत होता है ओर बीमा नियामक की मंजूरी के बिना कोई भी बीमा कंपनी हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम नहीं बढ़ा सकती है। 

 

तीन साल में बढ़ता है प्रीमियम 

 

फ्यूचर जेनरॉली जनरल इन्‍श्‍योरेंस के हेड, हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस, शीराज देशपांडे ने moneybhaskar.com को बताया कि कई हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान ऐसे हैं जिनका प्रीमियम हर तीन साल पर 15 से 30 फीसदी तक बढ़ता है। ऐसे में अगर आपने यह प्‍लान लिया और उसका तीन साल का साइकल आपके प्‍लान के एक साल बाद ही आ गया तो आपके प्‍लान का प्रीमियम बढ़ सकता है। ऐसे अगर रिन्‍यूअल के समय आपको पता चलता है कि आपकी पॉलिसी का प्री‍मियम 20 फीसदी या इससे अधिक बढ़ गया है तो आपको अपनी बीमा कंपनी से बात करनी चाहिए। 

 

उम्र बढ़ने के साथ भी बढ़ता है प्रीमियम 

 

ओरिएंटल इन्‍श्‍योरेंस कंपनी लिमिटेड के रिटायर्ड डीजीएम एनके सिंह का कहना है कि हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम उम्र बढ़ने के साथ भी बढ़ता है। कंपनियां एज ग्रुप के आधार पर प्रीमियम तय करती हैं। जैसे 25 से 30 साल एज ग्रुप, 30 से 35 साल, 35 से 40 और 40 से 45 साल। अगर आप 30 की उम्र पार कर 30 से 35 के एज ग्रुप में जाते हैं तो आपका हेल्‍थ इन्‍श्योरेंस प्रीमियम बढ़ जाता है। ऐसा बीमारी का रिस्‍क बढ़ने की वजह से होता है। उम्र बढ़ने के साथ बीमारी का खतरा भी बढ़ता है। 

 

बीमा कंपनियां नहीं बढ़ा सकती है मनमाना प्रीमियम 

 

एनके सिंह का कहना है कि बीमा कंपनियां अपने मन से हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम में मनमाना इजाफा नहीं कर सकती हैं। बीमा बीमा कंपनियों को हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान का प्रीमियम बढ़ाने के बाद भारतीय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण के पास इसको जस्टिफाई करना होता है। बीमा कंपनी को यह साबित करना होता है कि प्‍लान में रिस्‍क बढ़ने की वजह से प्रीमियम बढ़ाना जरूरी था। 

 

 

  आगे पढ़े...
  

ऑफि‍स के मेडिक्‍लेम पर न रहे डिपेंड 

 

आजकल सभी कंपनि‍यां अपने कर्मचारि‍यों को मेडि‍क्‍लेम पॉलि‍सी का फायदा देती है। लेकि‍न आप हमेशा यह बात ध्‍यान रखें कि‍ ऑफि‍स की ओर से कि‍ए मेडि‍क्‍लेम में आपको आपकी पोस्‍ट और सैलरी के हि‍साब से कवर मि‍लता है। ऐसे में कई बार यह कवर बहुत कम होता है। अगर आप नौकरी छोड़ देते हैं या नौकरी चली जाती है तो आपका यह मेडिकल कवर खत्‍म हो जाता है। ऐसे में आपको अलग से एक हेल्‍थ प्‍लान जरूर लेना चाहिए। आप अपनी जरूरत के मुताबिक 4 लाख 5 लाख या 10 लाख का फैमिली फ्लोटर हेल्‍थ प्‍लान ले सकते हैं। इस प्‍लान मे आप खुद, आपकी वाइफ और आपके बच्‍चे कवर होंगे। 

 

जल्द खरीदने पर प्रीमियम कम  
 
निवेश के मामले में कहा जाता है कि जल्द शुरुआत से बड़ी संपत्ति बनाने में मदद मिलती है। हेल्थ कवर के मामले में कहा जाता है कि जल्द कवर लेंगे तो कम प्रीमियम चुकाना पड़ेगा। अगर आप 40 साल की उम्र से पहले कवर लेते हैं तो आपको बिना शर्त के अधिकतम फायदा मिल सकता है। एलआईसी के इंश्‍योरेंस एडवाइजर बंटी गुप्‍ता ने बताया कि‍ ‘युवाओं को आमतौर पर बीमारियां कम होती हैं। इसके चलते बीमा देने वाली कंपनियां उनके प्रीमियम कम रखती हैं।  

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=