Home » Insurance » Health Insurancefacts of the Mediclaim Policy

मेडिक्लेम है तो अस्पतालों की चुप्पी से रहें सावधान, जेब से भरना पड़ सकता है हजारों का बिल

75 हजार की बजाय थमा दिया 1.40 लाख का बिल

1 of

नई दिल्ली. क्या आपने मेडिक्लेम पॉलिसी ले रखी है। अगर हां तो कुछ बातें आपके काम की हैं। ये बातें ऐसी हैं कि आपको लगेगा कि इतना एक्स्ट्रा खर्च तो 'बोझ' उठा लेंगे, पर हकीकत में वह इतना ज्यादा हो जाता है कि आपको जेब बहुत ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। एक केस के आधार पर इसे समझिये। 

 

एक केस स्टडी से समझें मामला 
चंडीगढ़ निवासी एक बीमा धारक अपनी पत्नी को लेकर 'फोर्टिस' अस्पताल गए। मामला ओवेरियन सिस्ट का था। यानी ओवेरी में सिस्ट था। तमाम जांच के बाद इसका पता चला था। गायनोकोलोजिस्ट ने कहा कि ऑपरेशन होगा। मेडिक्लेम पॉलिसी थी। अस्पताल से पूछा तो बताया गया कि 75 हजार खर्च आएगा। इसमें सर्जरी और अस्पताल में रहना शामिल है। जब प्रोसेस शुरू किया तो अस्पताल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल में रुकने के लिए रूम के तीन स्लैब हैं। एक पूरा प्राइवेट रूम 8 हजार रुपए, एक शेयरिंग वाला साढ़े पांच हजार रुपए और वार्ड का चार्ज 4 हजार रुपए। व्यक्ति ने सवाल पूछा, 'क्या वार्ड में तीमारदार रह सकता है' अस्पताल ने कहा, 'नहीं।' उस व्यक्ति ने साढ़े पांच हजार रुपए वाले शेयरिंग रूम के लिए हामी भर दी। मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत वह 5 हजार रुपए तक रेंट वाला रूम ले सकता था। उसके मन में था कि अगर चार दिन भी रुकना पड़े तो दो हजार रुपए अतिरिक्त देने होंगे तो दे देंगे। 

 

बिल आया 1.40 लाख 
तीन दिन रुकने के बाद बिल आया एक लाख 40 हजार के करीब। यानी उनके बताये हुए पैकेज का लगभग दोगुना। मेडिक्लेम वाली कंपनी ने एक लाख तीन हजार पास किया। अस्पताल ने डिस्चार्ज के समय 37 हजार रुपए और मांगे। उन्होंने मेडिक्लेम इंश्योरेंस देने वाली कंपनी से बात की। वहां से बताया गया कि आपने अपने एनटाइटलमेंट से ज्यादा का रूम लिया। व्यक्ति ने कहा कि तीन दिन का वेरियेशन डेढ़ हजार बना। कंपनी ने बताया कि नहीं, अस्पताल वालों ने रूम के हिसाब से हर चीज के रेट ज्यादा लिए हैं।

 

आगे पढ़ें : ऐसे बढ़ाया बिल 

ऐसे बढ़ाया गया बिल 
जैसे वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज को देखने के लिए अगर डॉक्टर का प्रति विजिट चार्ज 500 है तो साढ़े पांच हजार किराए वाले में यह प्रति विजिट डेढ़ हजार हो जाएगा। इसी तरह आठ हजार वाले रूम में दो या ढाई हजार। यही नहीं रूम के हिसाब से ही मेडिकल चार्ज, नर्सिंग असिस्टेंट चार्ज, दवा का चार्ज, हाउस कीपिंग चार्ज हर चीज बढ़ गया। यानी आपने अपने एनटाइटलमेंट से पांच सौ रुपए ज्यादा का रूम लिया तो हर दिन आपके 10 हजार का फर्क पड़ गया। यह बात अस्पताल ने बतायी नहीं। 

 

आगे पढ़ें : अस्पताल ने नहीं बताई यह बात 

 

रूम किराये का रखें ध्यान 
जानकार कहते हैं कि एनटाइटलमेंट पूछकर भले ही कम किराये वाला रूम ले लें, लेकिन ज्यादा वाला कतई नहीं लें। बड़े अस्पताल कई चार्ज लगाकर आपकी जेब ढीली करते हैं। कई बार परेशान व्यक्ति सोचता है कि दो-तीन हजार ज्यादा वाला रूम ले लें, फर्क पांच-सात हजार का आएगा, लेकिन दो तीन हजार फर्क सीधे 50 हजार तक पहुंचता है। उक्त केस में संबंधित व्यक्ति ने फोर्टिस के तमाम लोगों से बात की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उसने बाकी रकम दी और डिस्चार्ज स्लिप ली। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=
Don't Miss