विज्ञापन
Home » Industry » TextileSushma Swaraj-Smriti Irani To Distribute Silk Reeling Machines Today In Delhi

8 हजार रुपए की रीलिंग मशीन से हर महीने महिलाएं कमा सकेंगी 10,500 रुपए तक, मिलेगी कठिन श्रम से राहत

नई दिल्ली में सुषमा स्वराज-स्मृति ईरानी करेंगी इन मशीनों का वितरण

1 of

नई दिल्ली.

केंद्रीय रेशम बोर्ड के सहयोग से वस्त्र मंत्रालय आज यानी 9 फरवरी को नई दिल्ली में ‘Surging Silk - Accomplishment and way forward’ कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं को 'बुनियाद तसर रेशम रीलिंग' मशीनें वितरित की जाएंगी। इससे महिलाएं प्रतिदिन 350 रुपए तक और महीने के 10,500 रुपए तक कमा सकेंगीं। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज होंगी और अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति जुबिन इरानी करेंगी। कार्यक्रम में पिछले 4 वर्षों के दौरान भारत में रेशम उद्योग के विकास को मुख्य रूप से दिखाया जाएगा। इसमें वस्त्र क्षेत्र के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

 

महिलाओं को मिलेगी कठिन श्रम से राहत

केंद्रीय रेशम प्रौद्योगिकी शोध संस्थान ने थाई रिलिंग की वर्षों पुरानी व्यवस्था को समाप्त करने के लिए इस मशीन को विकसित किया है। इसके साथ ही संस्थान का उद्देश्य यह भी है कि ग्रामीण व जनजातीय महिलाओं को अपनी कमाई बढ़ाने का साधन मुहैया कराया जाए। इस मशीन को बनाने में छत्तीसगढ के चंपा के एक उद्यमी ने सहयोग दिया है। इस विकसित मशीन का नाम बुनियाद रीलिंग मशीन है। यह मशीन तसर सिल्क की गुणवत्ता और उत्पादकता को बेहतर बनाएगी तथा महिलाओं के कठिन श्रम में राहत प्रदान करेगी।

 

बढ़ेगी महिलाओं की आय

पारंपरिक तरीके का उपयोग करते हुए धागा तैयार करने वाली एक महिला एक दिन में 125 रुपए कमाती है जबकि बुनियाद रीलिंग मशीन से वह 350 रुपए प्रति दिन कमा सकती है। बुनियाद रीलिंग मशीन की कीमत 8,475 रुपए प्रति इकाई है। मार्च, 2019 तक थाई रिलिंग की प्रथा को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मशीन, सौर ऊर्जा तथा पैर से चलने वाले उपकरणों के साथ उपलब्ध है। मशीन उत्पादन के लिए निर्माताओं और इनके वितरण के लिए धागा तैयार करने वालों की पहचान कर ली गई है।

 

 

रेशम उद्योग के सफल व्यक्ति होंगे सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान रेशम उद्योग के सफल व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार दिए जाएंगे। रेशम अपशिष्ट से मिलैंज फेब्रिक तैयार किया जाएगा। रेशम कीट-पालन क्षेत्र के गुणवत्ता-प्रमाण पत्र के लिए एक मोबाइल एप्प लांच की जाएगी। इसके साथ ही भारतीय रेशम उद्योग राज्य रेशम कीट-पालन पर आधारित एक पुस्तिका जारी की जाएगी।

पुस्तिका में होगी सरकार की योजनाओं की जानकारी

इस पुस्तिका में प्रत्येक राज्य में रेशम कीट पालन तथा रेशम उद्योग के विकास और वर्तमान स्थिति का विवरण होगा। भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इस पुस्तिका में होगी।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss