बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Textileन्‍यू ईयर पर 10% बढ़ा बनारसी साड़ी का एक्‍सपोर्ट, यूएस-ब्रिटेन से सबसे ज्‍यादा डिमांड

न्‍यू ईयर पर 10% बढ़ा बनारसी साड़ी का एक्‍सपोर्ट, यूएस-ब्रिटेन से सबसे ज्‍यादा डिमांड

भले ही इस वक्‍त देश में शादी सीजन न होने से बनारसी साड़ी बिजनेस ठंडा है लेकिन विदेश में इस वक्‍त भी यह डिमांड में है

1 of

नई दिल्‍ली. पूरी दुनिया में इस वक्‍त न्‍यू ईयर की धूम है। न्‍यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए ज्‍यादातर लोग वेस्‍टर्न आउटफिट को तवज्‍जो देते हैं लेकिन विदेशों में रहने वाले कई भारतीय इस मौके पर भी ट्रेडिशनल ड्रेसिंग पसंद करते हैं। इसी के चलते इस वक्‍त विदेशों में बनारसी साड़ी डिमांड में है। हालांकि GST और ड्यूटी ड्रॉ बैक घटने से डॉमेस्टिक बिजनेस और एक्‍सपोर्ट को झटका लगा है लेकिन फिर भी पिछले साल न्‍यू ईयर के मुकाबले इस साल बनारसी साड़ी के एक्‍सपोर्ट में 8-10 फीसदी की तेजी है।  

 

एसएंडडी डाइंग एंड प्रोसेसिंग कॉपरेशन प्राइवेट लिमिटेड के मर्चेंडाइजर संदीप ने moneybhaskar.com को बताया कि भले ही इस वक्‍त देश में शादी सीजन न होने के चलते बनारसी साड़ी का बिजनेस ठंडा है लेकिन विदेश में इस वक्‍त भी यह साड़ी डिमांड में है। विदेश में रहने वाले भारतीय अन्‍य अवसरों की तरह न्‍यू ईयर के मौके पर भी ट्रेडिशनल आउटफिट को तवज्‍जो देते हैं। इसी के चलते यह साड़ी इस वक्‍त भी डिमांड में रहती है। इस साल अच्‍छी डिमांड के चलते पिछले साल इस वक्‍त हुए बनारसी साड़ी के एक्‍सपोर्ट से इस साल एक्‍सपोर्ट में 8-10 फीसदी की तेजी है। संदीप ने कहा कि यह तेजी और ज्‍यादा होती अगर बिजनेस पर GST और ड्यूटी ड्रॉ बैक घटने से असर न पड़ा होता। 

 

150 करोड़ रुपए का इनपुट क्रेडिट बाकी 

उन्‍होंने आगे बताया कि GST का असर अभी भी बिजनेस पर है। GST में भरे गए टैक्‍स का इनपुट क्रेडिट अभी वापस नहीं आया है, जिसके चलते कारोबारियों 150 करोड़ रुपए की पूंजी फंसी हुई है। इसके अलावा ड्यूटी ड्रॉ बैक घटने के चलते भी एक्‍सपोर्ट के मोर्चे पर झटका लगा है। 

बिक जाती है 30-35 हजार रुपए तक की साड़ी 

संदीप का कहना है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय न्‍यू ईयर पर लाइटवेट बनारसी साड़ी ज्‍यादा पसंद करते हैं। उनकी रेट 30 से 35 हजार रुपए तक होती है। 

 

कितना बड़ा है बनारसी साड़ी बिजनेस 

बनारसी साड़ी का बिजनेस लगभग 1000 करोड़ प्रति माह का है, जो फेस्टिव व शादियों के सीजन के चार महीने में बढ़कर लगभग 6000 करोड़ रुपए पर पहुंच जाता है। 

 

कहां-कहां होता है एक्‍सपोर्ट 

बनारसी साड़ी का सबसे ज्‍यादा एक्‍सपोर्ट यूएस, यूके, लेबनान, सिंगापुर, मलेशिया जैसे देशों में होता है। बनारस में बनने वाली बनारसी साडियों में से लगभग 30-35 फीसदी का एक्‍सपोर्ट होता है। भारत की बात करें तो वैसे तो बनारसी साडियां पूरे देश में सप्‍लाई की जाती हैं। लेकिन सबसे ज्‍यादा डिमांड मुंबई, गुजरात, कोलकाता, दक्षिण भारत और दिल्‍ली से आती है।

 

हाथ से बनी सा‍ड़ी की रहती है ज्‍यादा डिमांड 

बनारसी साड़ी मशीन यानी पावरलूम और हैंडलूम यानी हाथ से दोनों तरीकों से बनाई जाती है। देश में पावरलूम की बजाय हैंडलूम की बनी बनारसी साडियों की डिमांड बढ़ रही है। इसकी वजह पावरलूम में क्रिएशन की कमी है। आने वाली डिमांड में से 60 फीसदी डिमांड हैंडलूम की बनी साडियों की होती है। इसमें भी ट्रेडीशनल वर्क बहुत ज्‍यादा डिमांड में है।

 

कितनी महंगी जाती है बनारसी साड़ी 

कीमत की बात करें तो नाइलॉन या सिंथेटिक की बनी बनारसी साड़ी की कीमत 1,500 रूपए से शुरू होती है, जबकि असली बनारसी कही जाने वाली सिल्‍क की साड़ी कीमत 3,500 रुपए से लेकर डेढ लाख रुपए तक है। इसके अलावा साड़ी की डिजाइन और कलर के मुताबिक भी कीमत तय होती है। जितनी भारी और बारीक डिजाइन होती है, कीमत उतनी ही बढ़ जाती है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट