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Letstrack दे रहा GPS ट्रैकिंग का वन स्‍टॉप सॉल्‍यूशन, 650 करोड़ रेवेन्‍यू का टारगेट

आज की सदी में लोगों के लि‍ए अपने करीबियों की सेफ्टी और कंपनि‍यों के लि‍ए अपनी प्रोडक्‍टि‍वि‍टी सबसे बड़ी चिंता बन गई है।

letstrack provide one stop gps tracking solution

नई दि‍ल्‍ली। आज की सदी में लोगों के लि‍ए अपने करीबियों की सेफ्टी और कंपनि‍यों के लि‍ए अपनी प्रोडक्‍टि‍वि‍टी सबसे बड़ी चिंता बन गई है। इस मकसद को पूरा करने के लि‍ए इंडि‍यन स्‍टार्टअप Letstrack ने कई सॉल्‍यूशन पेश कि‍ए हैं। इसके बारे वि‍स्‍तार से बताते हुए Letstrack के फाउंडर वि‍क्रम कुमार ने हमें बताया कि‍ हमारा काम लोगों की जिंदगी में ट्रैंकिंग के महत्‍व और उसका क्‍या यूज है, इसे बताना है। Letstrack की ओर से लोगों के स्‍मार्टफोन, वेब ब्राउसर और ईमेल पर क्‍वालि‍टी इंफॉर्मेशन दी जाती है। यह जानकारी पुश नोटि‍फि‍केशन, अपडेट्स, रि‍पोर्ट और लाइव फीड के जरिए दी जाती है। इससे लोगों की सेफ्टी, ऑटोमोबाइल की सेफ्टी और कंपनि‍यों की प्रोडक्‍टि‍वि‍टी बढ़ाने का काम आसान कि‍या जा रहा है। कंपनी ने मार्च 2018 तक प्रति‍ 650 करोड़ रुपए रेवेन्‍यू का टारगेट रखा है। 

 

कंपनी का बि‍जनेस

 

वि‍क्रम कुमार ने कहा कि‍ हम मौजूदा समय में 10 हजार पि‍नकोड और 490 शहरों को कवर कर रहे हैं। हम पहले नेशनल ऑर्गेनाइज्‍ड ब्रांड हैं जो ऐसा काम कर रहा है। कंपनी के पास 50 हमार से 60 हजार तक कस्‍टमर्स हैं। 

 

क्‍या है कंपनी का टारगेट

 

वि‍क्रम कुमार ने कहा कि‍ हमने अप्रैल 2018 तक प्रति‍ माह 10 लाख डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपए) रेवेन्‍यू का टारगेट है। इसके अलावा, हम अमेरि‍का में अपना बि‍जनेस ऑपरेशन शुरू करने की प्‍लानिंग कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि‍ हम बाइक्‍स के लि‍ए भी ट्रैकिंग डि‍वाइज डेवलप कर रहे हैं। 

 

आपकी कारों को रखेगा सेफ

 

Letstrack का जीपीएस ट्रैकर कार के ओबीडी पोर्ट में लगाया जाता है। अगर आप कार का ओबाडी पोर्ट कहां है यह नहीं जानते हैं तो कंपनी की टेक्निकल टीम इस काम को कर देगी। इसके बाद आपको गूगल प्लेस्टोर या एप्‍पल एपस्टोर से कंपनी का ऐप डाउनलोड करना होगा। इस एप के जरि‍ए आप अपने कार को हर वक्‍त ट्रैक कर सकते हैं।

 

कॉरपोरेट्स के लि‍ए सॉल्‍यूशन

 

वि‍क्रम ने बताया कि‍ हमारे पास कॉरपोरेट्स के लि‍ए 40 से 50 सॉल्‍यूशन हैं। इसे एक उदाहरण के साथ समझे - एक सेल्‍स इम्‍पलॉई क्‍लाइंट के पास जाता है, जि‍से कंपनी की ओर कि‍लोमीटर के हि‍साब से पैसे मि‍लते हैं। वह पैसे उसे महीने के अंत में बि‍ल बनाने के बाद दि‍ए जाते हैं। हालांकि‍,  इसमें यही पता नहीं चलता कि‍ वह बि‍ल सही हैं या गलत। इसके लि‍ए हमारे ऐप एक सॉल्‍यूशन है। आप अपनी कार में हमारा ट्रैकिंग सि‍स्‍टम लगाएं और आप बटन दबा दें और शाम को जब काम खत्‍म हो जाए तो उसे बंद कर दें। इसकी सारी इंफॉर्मेशन कंपनी के पास जाती है। इसके हि‍साब से कंपनी आपको पैसे दे देती है।

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