कभी पुरुष उड़ाते थे बिजनेस का मजाक, महिला ने खड़ी कर दी 6800 करोड़ रु फार्मा कंपनी, लेडी वियाग्रा के लिए है मशहूर

कभी यह महिला अपनी कंपनी और उसके प्रोडक्ट्स की वजह से पुरुषों के लिए मजाक का विषय बन गई थी। दरअसल उनका बिजनेस भी ऐसा था, जो ट्रेंड से हटकर था और इससे पहले किसी भी कंपनी ने ऐसा प्रोडक्ट ईजाद नहीं किया था। अब इस लेडी ने अपनी कंपनी 100 करोड़ डॉलर यानी लगभग 6800 करोड़ रुपए में बेचकर आलोचकों के मुंह बंद कर दिए हैं। हम अमेरिकी एंटरप्रेन्योर सिंडी एकर्ट की बात कर रहे हैं, जो अब लेडी वियाग्रा कही जाने वाली दवा ‘आदी’ बनाने के लिए मशहूर हो चुकी हैं।

moneybhaskar

Jul 16,2018 08:30:00 PM IST

नई दिल्ली. कभी यह महिला अपनी कंपनी और उसके प्रोडक्ट्स की वजह से पुरुषों के लिए मजाक का विषय बन गई थी। दरअसल उनका बिजनेस भी ऐसा था, जो ट्रेंड से हटकर था और इससे पहले किसी भी कंपनी ने ऐसा प्रोडक्ट ईजाद नहीं किया था। अब इस लेडी ने अपनी कंपनी 100 करोड़ डॉलर यानी लगभग 6800 करोड़ रुपए में बेचकर आलोचकों के मुंह बंद कर दिए हैं। हम अमेरिकी एंटरप्रेन्योर सिंडी एकर्ट की बात कर रहे हैं, जो अब लेडी वियाग्रा कही जाने वाली दवा ‘आदी’ बनाने के लिए मशहूर हो चुकी हैं।

6800 करोड़ रु में बिकी कंपनी

एकर्ट की कंपनी स्प्राउट फार्मास्युटिकल्स को वर्ष 2015 में एक अन्य अमेरिकी कंपनी वैलिएंट ने वर्ष 2015 में खरीद लिया था, वह भी 100 करोड़ डॉलर जैसी ऊंची कीमत पर। इस डील से अमेरिका ही दुनिया की फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री हैरान रह गई। शुरुआत से पहले पहले जहां उसका मजाक उड़ाया जा रहा था और फिर एक समय बाद इन्वेस्टर्स उनकी कंपनी में करोड़ डॉलर लगाने के लिए राजी हो गए।

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भरी भीड़ में उड़ाया गया मजाक

हालांकि एकर्ट की सफलता की राह मुश्किलों से भरी रही। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ‘आदी’ के लिए पैसा जुटाने के लिए इन्वेस्टर्स के सामने प्रपोजल रखा तो उनका मजाक उड़ाया गया। एकर्ट कहती हैं कि हैल्थकेयर इंडस्ट्री की एक प्रमुख कांफ्रेंस के दौरान ऐसा हुआ, जब वह ‘आदी’के लिए एफडीए अप्रूवल लेने की दिशा में काम कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘इस प्रिजेंटेशन का उद्देश्य हैल्थकेयर सेक्टर के प्रमुख इन्वेस्टर्स और संभावित स्ट्रैटजिक पार्टनर्स का ध्यान अपनी ओर खींचना था।’ वह इसे अपने लिए ‘सुनहर मौके’ के तौर पर याद करती हैं।

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बात रखने के लिए मिला 8 मिनट का वक्त

सीएनबीसी से बातचीत में एकर्ट ने कहा, ‘यह उनकी कंपनी स्प्रॉउट की फंडिंग की जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम समय था, क्योंकि वह अपनी योजनाओं को अंजाम देने के करीब पहुंच चुकी थी।’ उन्हें अपनी बात रखने के लिए महज 8 मिनट का समय दिया गया और वह कामेच्छा बढ़ाने के बारे में जागरूकता फैलाने को उत्सुक थीं।

उन्होंने कहा, ‘मैंने महिलाओं और सेक्स के बारे में बात करने की शुरुआत की और वहां मौजूद भीड़ मुझ पर हंसने लगी। ऐसे हालात में मैं गुजरते हुए वक्त को देख रही थी। मैंने वक्त के सही इस्तेमाल का फैसला किया और अपनी बात को रखती रही।’

 

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बदल गया लोगों का नजरिया

उन्होंने कहा, ‘समय खत्म होने बाद मुझे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन मैं वैज्ञानिक प्रमाण के साथ अपनी बात रखती रही और फिर लोग गंभीरता से सुनने लगे।’ उस कांफ्रेंस में वैलिएंट के एक प्रतिनिधि भी मौजूद थे। गौरतलब है कि वैलिएंट ही वह कंपनी है, जिसने उनकी कंपनी स्प्रॉउट फार्मास्युटिकल्स को खरीद लिया।

 
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