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हॉस्टल में पार्टी से मिला बिजनेस आइडिया, नौकरी छोड़ आशीष ने खड़ी कर दी BookmyShow

आशीष हेमराजानी द्वारा स्थापित BookMyShow भारत की सबसे सफल ऑनलाइन टिकट बुकिंग कंपनी बन चुकी है।

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नई दिल्ली. यूं तो नए आइडिया पर बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग लंबे समय से चल रही थी। इस बीच हॉस्टल में दोस्तों के साथ पार्टी के दौरान मन पक्का किया और मैसेज लिखकर बॉस को रिजाइन किया। हम BookMyShow के फाउंडर आशीष हेमराजानी की बात कर रहे हैं और उन्होंने कुछ इसी तरह अपनी कंपनी की शुरुआत की थी। यह कंपनी अभी तक 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का फंड जुटा चुकी है और भारत की सबसे सफल ऑनलाइन टिकट बुकिंग कंपनी बन चुकी है। monebhaskar यहां उनकी सफलता की कहानी के बारे में बता रहा है…

 

BookMyShow ने जुटाए 685 करोड़ रुपए
BookMyShow चलाने वाली कंपनी बिग ट्री एंटरटेनमेंट ने बुधवार को टीपीजी ग्रोथ की अगुआई में इन्वेस्टर्स से 10 करोड़ डॉलर (685 करोड़ रुपए) की फंडिंग मिलने का ऐलान किया है। बुकमाईशो ने कहा कि उसने सीरीज डी फंडिंग के तहत यह धनराशि जुटाने के लिए समझौता किया है। इससे पहले जुलाई, 2016 में अमेरिका बेस्ड स्ट्राइप्स ग्रुप की अगुआई वाले इन्वेस्टर्स से 550 करोड़ रुपए जुटाए थे। 

 

 

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स्मोकिंग और अल्कोहल की वजह से मिला आइडिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुकमाईशो के फाउंडर हेमराजानी ने एक कार्यक्रम में कहा था, ‘बुकमाईशो का सफर स्मोकिंग और अल्कोहल की वजह से शुरू हुआ था। मैं स्मोकिंग नहीं करता, लेकिन मुझे स्मोक करने वालों से दिक्कत नहीं होती।’ हेमराजानी बुकमाईशो की शुरुआत से पहले एडवर्टाइजिंग एजेंसी J. Walter Thompson में काम किया करते थे। उन्होंने कहा, ‘नौकरी के दौरान एडवर्टाइजिंग के लिए काम करते थे, जहां हर किसी के हाथ में चाय और सिगरेट होती थी। मैंने कुछ वजहों से ब्रेक लिया और छुट्टी पर चला गया।’ तभी से बुकमाईशो प्लानिंग होनी शुरू हो गई। 

 

 

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सिनेमा घरों के बाहर लगती थीं लंबी-लंबी लाइनें 


हेमराजानी ने कहा, ‘2000 के दशक की शुरुआत में साउथ अफ्रीका और बोत्सवाना की ट्रिप के दौरान हुई कई घटनाओं ने मुझे बिजनेस के लिए प्रेरित किया। मैं रोड ट्रिप पर था और वहां मैंने रेडियो पर सुना कि लोग रग्बी की टिकट खरीद सकते हैं।’ तब आशीष को भी लगा कि ऐसा भारत में भी किया जा सकता है। 
उन्होंने कहा, ‘मुझे सिनेमाघरों के बाहर लगी लंबी-लंबी लाइनें याद हैं। लोगों को टिकट के लिए पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ती थीं।’

 

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हॉस्टल पार्टी के दौरान भेज दिया इस्तीफा
उन्होंने कहा कि हॉस्टल पार्टी के दौरान उन्होंने अपना मन पक्का किया और अपने बॉस को रिजाइन भेज दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं कुछ अलग हूं और मैं अच्छी रेड वाइन को बेकार नहीं जाने देना चाहता। इसलिए हम तीन लोग हॉस्टल में बैठे। स्मोकिंग से शुरुआत हुई और अल्कोहल पर जाकर खत्म हुई। मैंने अपने बॉस को मैसेज भेजा और लिखा कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं। हालांकि मुझे हकीकत का अहसास अगले दिन ही हुआ।’ इसके बाद बिजनेस प्लान पर काम किया और कुछ इन्वेस्टर्स से बात की। उसके बाद बुकमाईशो की पहली फंडिंग 2 करोड़ रुपए की मिली। यही वह दौर था, जब डॉटकॉम यानी इंटरनेट तेजी से ग्रोथ कर रहा था। 


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6 से बढ़कर 150 हुई इम्प्लॉइज की संख्या

2001 में कंपनी को न्यूजकॉर्प से फंडिंग मिली और 2002 तक कंपनी के इम्प्लॉई की संख्या छह से बढ़कर 150 हो गई। इम्प्लॉइज की टीम बांद्रा के एक घर से 2500 वर्ग फुट के एक ऑफिस में शिफ्ट कर गई। हेमराजानी कहते हैं, ‘सफर आसान नहीं था। लेकिन एक एंटरप्रेन्योर के सामने और कोई विकल्प नहीं होता।’

 
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