Home » Industry » StartupsLiquor home delivery in india

कोर्ट के एक फैसले से मिला आइडिया, खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार

चेन्नई-बेंगलुरू में शुरू की शराब की होम डिलीवरी, कई राज्यों के लिए है योजना

1 of

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने डिंक एंड ड्राइव से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए एक फैसला सुनाया था, जिसके तहत हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब बिक्री पर रोक लगा दी गई। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जहांं शराब कारोबारियों में निराशा छा गई थी, वहीं प्रसन्न नटराजन के दिमाग में एक नए आइडिया ने जन्म ले लिया। उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोचा, जिसका काम शराब की होम डिलिवरी करना था। नटराजन ने तमाम चुनातियों से जूझते हुए Hipbar Private limited  नाम से अपनी कंपनी खोली।  

 

चेन्नई और बेंगलुरू में हुई शुरुआत 

HipBar अपनी स्टोर पिकअप और होम डिलीवरी सेवा चेन्नई और बेंगलुरू में दे रही है और कंपनी की 11 अन्य राज्यों मे ऐसी सर्विस शुरू करने की योजना है। इसे लेकर संबंधित राज्य सरकारों से बातचीत चल रही है। वहीं कंपनी महाराष्ट्र सरकार की शराब होम डिलीवरी सर्विस शुरू करने जा रही है। इस तरह की सर्विस से राज्य सरकारों का राजस्व में नुकसान भी नहीं होगा। साथ ही ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों में कमी आएगी। 

 

आगे पढ़ेंं- क्या है HipBar और होम डिलीवरी के लिए क्या होगा करना 

 

यह भी पढ़ें, एक छोटी सी दुकान को बदल डाला 130 अरब के कारोबार में, कई देशों में फैला है बिजनेस

क्या है HipBar और होम डिलीवरी के लिए क्या करना होगा 


Hipbar ई-कॉमर्स वेबसाइट है और इस नाम से एक और ऐप भी है, जहां से शराब की होम डिलीवरी का ऑर्डर दिया जा सकता है। इसके लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन करना होगा। एक बार ऑर्डर की बुकिंग होने पर शराब की होम डिलीवरी की जाएगी। हालांकि ऑर्डर देने के लिए रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। इसके लिए उम्र, ई-मेल आईडी की जानकारी देनी होगी और मोबाइल वेरिफिकेशन के लिए अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। वहीं, सिक्युरिटी के लिए एक पिन जेेनरेट करना होगा। इस तरह की सर्विस बेंगलुरू और चेन्नई में शुरू की गई है।

 

आगे पढ़ें- कारोबार को टेक्नोलॉजी से जोड़ा

 

 

कारोबार को टेक्नोलॉजी से जोड़ा

नटराजन के मुताबिक, ये एक अकेला ऐसा बड़ा करोबार था जो पूरी तरह से टेक्नोलॉजी से दूर था। ऐसे इस क्षेत्र में संभावनाएं ज्यादा थींं। वह पिछले कई साल से शराब के कारोबार में हैं। उन्होंने महसूस किया कि कारोबार नहीं बदला है, बल्कि तरीका बदला है।

 

आगे पढ़ें- राज्य सरकार के पास राजस्व बढ़ानेे के मौका

 
 
राज्य सरकार के पास राजस्व बढ़ानेे के मौका

बता दें कि शराबबंदी और हाईवे के किनारे शराब की बिक्री पर लगी रोक से राज्य सरकार के राजस्व को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में नटराजन के बिजनेस आइडिया से सरकार अपना राजस्व बढ़ाने के बारे में सोच सकती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के राजस्व में शराब की अहम हिस्सेदारी होती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यूपी सरकार को हाईवे के किनारे की करीब 7000 दुकानों या फिर शिफ्ट करना पड़ा। इससे राजस्व कलेक्शन में 5 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट