Home » Industry » Startupssuccess story of Jyothi Reddy –CEO of Key Software Solutions Inc. in Phoenix USA, How a girl who worked in Telangana for a daily wage of Rs 5 became a millionaire in the US

कभी 5 रु के लिए दिन भर मजदूरी करती है यह लेडी, आज खड़ी कर दी 100 करोड़ की कंपनी

मिलिए ज्योति रेड्‌डी से, जिनकी कहानी बताती है कि बुरे से बुरे हालात भी हमें सफल होने से नहीं रोक सकते...

1 of

नई दिल्ली। जीवन में मुश्किलों से पार पाकर सफल होने के कई किस्से आपने सुने होंगे। हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका संघर्ष दुनिया के लिए मिसाल बन गया। दक्षिण भारत की ज्योति रेड्डी ने एक समय गुजर-बजस के लिए 5 रुपए दैनिक मजदूरी पर खेतों में काम किया, हालांकि आज वो कई लोगों की जिंदगी बदल रही हैं। इस महिला ने अपने दम पर न केवल सफलता पाई, बल्कि आज अमेरिका में एक सॉफ्टवेयर कंपनी खड़ी कर दी। हम यहां इस महिला के संघर्ष के बारे में बता रहे हैं...


बेहद गरीबी में गुजरा बचपन

अमेरिक के फोएनिक्स स्थित की सॉफ‌्टवेयर सॉल्यूशन इंक की सीईओ ज्योति रेड्डी का जन्म 1970 में तेलंगाना के एक बेहद गरीब परिवार में हुआ।  ज्योति के परिवार में माता-पिता के अलावा 4 और बहनें थीं, जिनमें ज्योति सबसे छोटी थी। परिवार में पैसे की कमी के कारण ज्योति की पढ़ाई लिखाई नहीं हो सकती थी, इसलिए उसे अनाथालय में रहना पड़ा। अनाथालय में रहने के लिए एक नियम था कि आपको ये साबित करना पड़ेगा कि आप बिन मां की बच्ची हो। ऐसे में ज्योति जब तक अनाथालय में रही अपनी मां से नहीं मिल सकी। ज्योति के लिए यह दौर काफी मुश्किल था। अनाथालय में वह अपने सुख-दुख किसी से बांट नहीं पाती थी।
           
आगे जानें-  क्यों ज्योति को करना पड़ा खेतों में काम 

केवल 16 साल में कर दी गई शादी
ज्योति की मुश्किलों का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ। अनाथालय के बाद केवल 16 साल की उम्र में ज्योति की शादी करा दी गई। शादी के दो साल में ही ज्योति के दो बच्चे हो गए। ज्योति के घर की हालत बिल्कुल ठीक नहीं थी। बच्चों को पालना मुश्किल हो गया था। ऐसे में ज्योति ने हालात बदलने की ठानी, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसे ढंग की नौकरी नही मिली। ज्योति इसके बावजूद हिम्मत नही हारी और अपने घर के पास ही एक खेत में काम करने लगी।  यहां उसे इस काम के लिए पूरे दिन के केवल 5 रुपए मिलते थे। लेकिन कहते हैं, जिसे आगे बढ़ना है उसे कोई रोक नहीं सकता।
 
आगे जानें- 16 साल की उम्र में शादी होने के बाद ज्योति ने क्या किया 

 

 

नेहरू युवा केंद्र से जुड़ी ज्योति
 इसके बाद ज्योति केंद्र सरकार की एक स्कीम नेहरू युवा केंद्र से जुड़ीं। इस संस्थान का मेंबर बनकर ज्योति ने फिर से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू किया।  काम के साथ-साथ ज्योति पढ़ाई भी करने लगी, और टाइपिंग भी सीख ली। अपने घर के खराब वित्तीय हालत को सुधारने के लिए इस लेडी एक स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, जहां उन्हें 398 रुपए महीने के मिलने लगे। ज्योति को घर से स्कूल जाने में करीब 2 घंटे लगते थे। आने-जाने में लगने वाले 4 घंटों का ज्योति ने सही इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इस सफर के दौरान ज्योति साड़ियां बेचने लगी।
 

आगे जानें- कैसे अमेरिका पहुंचीं ज्योति 


 

अमेरिका में ज्योति ने की कई नौकरियां
ज्योति जब टीचर की नौकरी कर रही थी, तो अमेरिका में रहने वाले उनके एक परिचित उनसे मिलने आए।  ज्योति के कजन ने उन्हें अमेरिका चलने का ऑफर दिया। ज्योति राजी हो गई। और अपने दोनों बच्चों को मिशनरी स्कूल में डाल अमेरिका चली गई। अमेरिका आने के बाद ज्योति ने अलग-अलग तरह की करीब 1 दर्जन जॉब किए। इस दौरान ज्योति अपने वीजा के काम को लेकर अक्सर वीजा दफ्तर और कोर्ट जाने लगी
 
आगे जानें-  कैसे ज्योति ने बनाई आईटी कंपनी 

 

 

ऐसे बनाई बड़ी आईटी कंपनी
अमेरिका में ज्योति ने देखा कि अमेरिका में वीजा प्रोसेसिंग कराने के लिए लोग मुह मांगा पैसा देने को तैयार रहते थे।  ज्योति ने वीजा कंसल्टिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे ज्योति का यह काम चल निकला, तो ज्योति ने वीजा मामले में कंसल्टिंग देने के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाया और इसे कंपनी में तब्दील किया। ज्योति की बनाई इस कंपनी की सॉफ्टवेयर सॉल्युशंस के रिलायंस समेत कई बड़ी कंपनी क्लाइंट हैं। उनकी कंपनी की वैल्यू 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट